इंदौर की राजनीति में आखिर क्या चल रहा है? ताई सुमित्रा महाजन के बयान ने बढ़ाई हलचल!
Saturday, Oct 17, 2026-02:03 PM (IST)
इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में राजनीतिक गुटबाजी और जल संकट को लेकर पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन का बयान चर्चा में है। शहर की राजनीति पर नजर रखने वाली ताई ने साफ संकेत दिया कि वह इंदौर में चल रही गतिविधियों को देख रही हैं और जहां अपनी बात रखना जरूरी समझती हैं, वहां खुलकर अपनी राय रखती हैं। वहीं, गर्मी के मौसम में सामने आने वाले जल संकट को लेकर उन्होंने कहा कि यह समस्या आनी ही है और इससे निपटने के लिए वह पहले ही कई सुझाव दे चुकी हैं।
सुमित्रा महाजन का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब इंदौर में राजनीतिक समीकरणों और स्थानीय मुद्दों को लेकर लगातार चर्चाएं होती रही हैं। भाजपा की वरिष्ठ नेता और इंदौर से लगातार आठ बार सांसद रह चुकीं ताई शहर की राजनीति में लंबे समय तक प्रभावशाली भूमिका निभाती रही हैं। लोकसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद भले ही वह सक्रिय चुनावी राजनीति से दूर नजर आती हों, लेकिन शहर के महत्वपूर्ण विषयों पर उनकी प्रतिक्रिया अब भी ध्यान खींचती है।
गुटबाजी पर बोलीं ताई, इंदौर की राजनीति पर है नजर
इंदौर में राजनीतिक गुटबाजी के सवाल पर सुमित्रा महाजन ने कहा कि वह आज भी इंदौर की राजनीति को देख रही हैं। उन्होंने अपने अंदाज में कहा कि जहां बोलना होता है, वहां वह अपनी बात कह देती हैं। उनके इस बयान को शहर की राजनीतिक गतिविधियों और भाजपा के भीतर चल रही चर्चाओं के संदर्भ में देखा जा रहा है।
ताई का यह रुख बताता है कि सक्रिय पद पर नहीं होने के बावजूद वह इंदौर के राजनीतिक घटनाक्रम से अनजान नहीं हैं। हालांकि, उनके बयान में किसी नेता या गुट का नाम सामने नहीं आया, इसलिए इसे किसी खास व्यक्ति के खिलाफ टिप्पणी के रूप में देखना उचित नहीं होगा।
जल संकट पर पहले ही दे चुकी हैं सुझाव
इंदौर में जल संकट का मुद्दा भी सुमित्रा महाजन की बातचीत का अहम हिस्सा रहा। उन्होंने कहा कि जल संकट तो आना ही है और इससे पहले वह कई सुझाव दे चुकी हैं। उनके इस बयान ने शहर में पानी की उपलब्धता, भविष्य की जरूरतों और समय रहते तैयारी करने जैसे सवालों को फिर चर्चा में ला दिया है।
इंदौर जैसे तेजी से बढ़ते शहर में पेयजल की मांग लगातार महत्वपूर्ण मुद्दा बनी हुई है। ऐसे में ताई के बयान को जल प्रबंधन और संभावित संकट से निपटने के लिए पहले से तैयारी करने की जरूरत के तौर पर देखा जा सकता है। हालांकि, उन्होंने अपने बयान में किन सुझावों का जिक्र किया, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद 'नौकरी मांगने' वाली टिप्पणी भी चर्चा में
इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात के बाद सुमित्रा महाजन की एक हल्की-फुल्की टिप्पणी भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी थी। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा था कि वह नौकरी मांगने आई थीं। उनके इस जवाब के बाद कई तरह की राजनीतिक अटकलें लगाई जाने लगीं।
हालांकि, मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य शहर से जुड़ी विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाना भी था। सुमित्रा महाजन ने अहिल्या स्मारक और अधूरे पड़े कला संकुल के काम को पूरा कराने का मुद्दा उठाया था। उन्होंने बताया था कि कलाकारों के लिए तैयार किए जा रहे कला संकुल का काम फंड की कमी के कारण अटक गया है और इसे पूरा करने के लिए सरकार से आवश्यक राशि उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया है।

