बैंक लूटने से एक माह पहले आरोपियों ने शहर में लिया था किराए का मकान: यहीं बनाई योजना,4 आरोपी अभी भी पुलिस से दूर
Tuesday, Apr 21, 2026-01:29 PM (IST)
सिंगरौली(अंबुज तिवारी) : मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में बीते 17 अप्रैल को हुई बैंक डकैती के मामले में पुलिस रिमांड पर चल रहे मुख्य आरोपी कमलेश कुमार से पूछताँछ में प्रतिदिन नए खुलासे हो रहे हैं। कमलेश कुमार बिहार के नालंदा जिले के ग्वाल बिगहा गांव का रहने वाला है। रेलवे पुलिस ने आरोपी को सिंगरौली एक्सप्रेस ट्रेन से बिहार के डेहरी ऑन सोन स्टेशन से दो दिन पहले गिरफ्तार किया था।
सिंगरौली एसपी मनीष खत्री ने बताया कि आरोपी कमलेश कुमार पर चोरी और अवैध वसूली के दो मामले पहले भी दर्ज हैं। वह 1 साल जेल में भी रहा है.पुलिस अन्य आरोपियों की हिस्ट्री भी खंगाल रही है। कमलेश कुमार से पुलिस को पता चला है कि आरोपी ने दो साथियों के साथ शहर के मोरवा में बड़ी मस्जिद के पास किराए से कमरा लिया था। तीनों यहां लगभग एक माह तक रहे। इसी दौरान 2 और युवक आकर उनके साथ रहने लगे। आरोपियों ने यहीं रहकर बैंक डकैती का मास्टर प्लान तैयार किया। आरोपियो ने महीनों तक बैंक ऑफ महाराष्ट्र की रेकी की। सभी आरोपी इतने शातिर थे कि मोहल्ले के लोगों को उन पर शंका नहीं हुई। इनमें से दो आरोपियों ने पहचान के रूप में मकान मालिक के पास जो आधार कार्ड जमा किया था। उस पर लिखा आधार नंबर भी फर्जी निकला।
वारदात के दिन से एक माह पहले से जिले की कमजोर पुलिसिंग और बैंक की नदारद सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह भांप लिया तब जाकर आरोपियों ने डकैती के लिए बनाए ब्लूप्रिंट को फाइनल किया। योजना के मुताबिक 17 अप्रैल को 5 आरोपियों ने दोपहर 12:50 PM पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र में धावा बोल दिया। ग्राहकों और बैंक कर्मियों को 15 से 20 मिनट तक बंदूक की नोक पर रखा लगभग 7 किलो सोना व 20 लाख कैश लेकर वहां से भाग गए।
ग्राहकों को चिंता,आरोपियों का नेपाल कनेक्शन!
बैंक में जिन ग्राहकों ने सोना रखा था उन्हें चिंता है कि गहने वापस मिलेंगे या नहीं। गिरफ्तार आरोपी कमलेश कुमार से मात्र 61 ग्राम सोना ही बरामद हुआ है। लूटने के बाद यह उसके हिस्से आया था। घटना के 4 दिन बाद भी पुलिस की पकड़ में मात्र एक आरोपी आया है। 10 अलग अलग टीमें यूपी, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ राज्यों में 4 अन्य आरोपियों को तलाश रही हैं। इधर आरोपियों के तार नेपाल से जुड़े होने की भी बात सामने आ रही है। 5 राज्यों की पुलिस अलर्ट के बाद भी आरोपियों का कोई सुराग नहीं लग रहा है। जिससे आशंका है कि आरोपी देश के बाहर भाग गए हैं।

