भाजपा-कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ाएगा तीसरा मोर्चा, राजधानी में गोपनीय बैठक में रणनीति तैयार, करीब 50 दल-संगठन एक मंच पर
Tuesday, Oct 06, 2026-05:22 PM (IST)
रायपुर: छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के विकल्प के रूप में तीसरा राजनीतिक मोर्चा खड़ा करने की कवायद तेज हो गई है। राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में रविवार को हुई गोपनीय बैठक में करीब 50 क्षेत्रीय राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न मोर्चों के प्रतिनिधियों ने एक मंच पर आकर प्रदेश में साझा राजनीतिक विकल्प तैयार करने पर विचार-विमर्श किया। मंगलवार को जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जेसीसी) जितेन्द्र बंजारे से मिली ताज़ा जानकारी के अनुसार बैठक में शामिल दलों और संगठनों ने राष्ट्रीय पाटिर्यों के राजनीतिक वर्चस्व को चुनौती देने के उद्देश्य से साझा रणनीति पर आगे बढ़ने पर सहमति जताई। इस दौरान मूल छत्तीसगढ़ी अस्मिता, क्षेत्रीय मुद्दों और आदिवासियों के अधिकारों को प्रस्तावित मोर्चे की प्रमुख प्राथमिकताओं में रखने पर जोर दिया गया। बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव भी पारित किया गया। उपस्थित नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाते हुए चुनाव संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की मांग की।
बैठक में बहुजन समाज पार्टी (बसपा), गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (जीजीपी), जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जेसीसी), भीम आर्मी, छत्तीसगढि़या पार्टी और हमर राज पार्टी सहित विभिन्न क्षेत्रीय राजनीतिक दलों एवं संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रस्तावित मोर्चे के जरिए भाजपा और कांग्रेस के मुकाबले प्रदेश में तीसरा राजनीतिक विकल्प तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ने पर चर्चा हुई। बैठक में बसपा से जोन प्रभारी खटकर, छत्तीसगढि़या पार्टी से देवराज साहू, छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच से पूरन लाल साहू, जीजीपी से मिथलेश कुमार, भीम आर्मी / आजाद समाज पार्टी से मनोज बंजारे, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जेसीसी) से जितेन्द्र बंजारे, हमर राज पार्टी से विनोद नागवंशी, बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा से नवनीत चांद और छत्तीसगढ़ महतारी पार्टी से विवेक पटेल शामिल हुए। बैठक में सीट शेयरिंग और साझा घोषणापत्र को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। इसका ब्लूप्रिंट लगभग तैयार होने की बात सामने आई है। अब इस राजनीतिक कवायद का अगला चरण 28 अक्टूबर 2026 को रायपुर के होटल बेबीलॉन कैपिटल में प्रस्तावित‘वृहद बैठक'होगी। इस वृहद बैठक में तीसरे मोर्चे के स्वरूप, नाम, प्रमुख चेहरों, सीटों के तालमेल और आगामी चुनावी अभियान की रणनीति को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। इसके बाद प्रदेश की राजनीति में प्रस्तावित तीसरे मोर्चे की भावी दिशा अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है।

