4 साल की कड़वाहट खत्म! लोक अदालत में फिर साथ हुए पति-पत्नी, जज ने प्रेम का पौधा देकर कराया मिलन
Sunday, May 10, 2026-07:41 PM (IST)
जबलपुर। (विवेक तिवारी): वैसे तो शनिवार को भारत के प्रत्येक न्यायालय में लोक अदालत का आयोजन किया गया और इन लोक अदालतों में पक्षकारों को राहत मिली और खुशी-खुशी वे अपने घर लौटे लेकिन कटनी जिले के तहसील न्यायालय ढीमरखेड़ा में आयोजित नेशनल लोक अदालत में एक अनोखी और सुंदर तस्वीर नजर आई। यहां न्याय के लिए पहुंचे पक्षकारों को राहत भी मिली साथ ही न्याय प्राप्ति के बाद प्रतीक स्वरूप उन्हें पौधे भी वितरित किए गए जो यह संदेश दे रहे थे कि इन पौधों की कोमलता के जैसे जीवन भी कोमल बने रहे और हम कभी अपराध की दुनिया में वापस न लौटे। इस अभियान की सूत्रधार न्यायाधीश पूर्वी तिवारी थी। जिन्होंने अपनी कार्य कुशलता से लोक अदालत में 42 मामलों का निपटारा किया साथ ही सभी पक्षकारों को पौधे देते हुए पर्यावरण प्रेम के प्रति भी लोगों को जागरूक किया।
दीप प्रज्ज्वलनऔर वृक्षारोपण से लोक अदालत की शुरुआत
लोक अदालत का शुभारंभ न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पूर्वी तिवारी ने दीप प्रज्ज्वलन और वृक्षारोपण के साथ किया। लोक अदालत का आयोजन म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कटनी जितेंद्र कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।इस अवसर पर न्यायाधीश पूर्वी तिवारी ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए वृक्षारोपण भी किया और पक्षकारों को भी वृक्षारोपण करने का संदेश दिया।नेशनल लोक अदालत में लंबित मामलों का आपसी सहमति और समझौते के आधार पर त्वरित निराकरण किया गया। घरेलू हिंसा से संबंधित 11 प्रकरण, परिवाद के 9 प्रकरण तथा आपराधिक मामलों के 22 प्रकरणों सहित कुल 42 मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया। इससे पक्षकारों को शीघ्र न्याय मिला और समय तथा धन दोनों की बचत हुई।
इस अवसर पर न्यायाधीश पूर्वी तिवारी ने उपस्थित पक्षकारों को आपसी सौहार्द, समझदारी और विवादमुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि लोक अदालत केवल मामलों के निपटारे का मंच नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और पारिवारिक सद्भाव को मजबूत करने का सशक्त माध्यम है।कार्यक्रम के अंत में पक्षकारों को पौधे भेंट किए गए और उनके उज्ज्वल एवं सुखद भविष्य की कामना की गई। साथ ही पर्यावरण संरक्षण और शांतिपूर्ण जीवन जीने का संदेश भी दिया गया। नेशनल लोक अदालत के इस आयोजन ने न्यायालय परिसर में सकारात्मक माहौल बनाया। उपस्थित लोगों ने त्वरित, सरल और सुलभ न्याय व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे आमजन के लिए अत्यंत उपयोगी पहल बताया।

4 साल बाद पति पत्नी कड़वाहट भूल एक साथ रहने को हुए राजी
लोक अदालत में एक ऐसा मामला भी आया जिसमें पति और पत्नी 4 साल से अलग-अलग रह रहे थे लेकिन दोनों को साथ बैठाकर जब बातचीत की गई और उन्हें समझाया गया तो वे एक साथ रहने को राजी हो गए ।न्यायाधीश पूर्वी तिवारी ने उन्हें रिश्तो की अहमियत के बारे में समझाया तो वह खुशी-खुशी आपसी रजामंदी से विवाद को खत्म कर एक साथ रहने को राजी हुए उन्हें पौधा देकर आपसी कड़वाहट को दूर किया गया।
सिविल जज परीक्षा की टॉपर है पूर्वी तिवारी
ढीमरखेड़ा न्यायालय में पदस्थ न्यायाधीश पूर्वी तिवारी सिविल जज परीक्षा वर्ष 2018 की मध्य प्रदेश टॉपर है। अपने निष्पक्ष फैसलों के लिए वे मध्य प्रदेश में चर्चित है। गांव - गांव पहुंचकर महिलाओं को कानून के प्रति जागरूक करने का अभियान भी वे लगातार चला रही है। हाल ही में पैंगोलिन का शिकार करने वाले शिकारियों को सजा देकर वे चर्चा में आई थी जब उन्होंने अपने फैसले में वन प्राणियों के प्रति प्रेम दिखाते हुए कविता लिखी थी।न्यायाधीश पूर्वी तिवारी को एलएलबी और एल एल एम की परीक्षा में गोल्ड मेडल से माननीय राज्यपाल ने सम्मानित किया है।

