डबरा रेलवे स्टेशन पहुंचकर DRM ने परखी विकास कार्यों की रफ्तार, लापरवाही पर जताई नाराजगी; दिए सख्त निर्देश
Tuesday, Sep 08, 2026-07:27 PM (IST)
डबरा (भरत रावत) : डबरा रेलवे स्टेशन के कायाकल्प के लिए चल रहे अमृत भारत स्टेशन योजना के कामों का जायजा लेने झांसी मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार डबरा पहुंचे। DRM ने स्टेशन परिसर से लेकर प्लेटफॉर्म, यात्री प्रतीक्षालय और सर्कुलेटिंग एरिया का बारीकी से निरीक्षण किया। करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे विकास कार्यों की रफ्तार और गुणवत्ता को लेकर उन्होंने अधिकारियों से जानकारी ली। वहीं निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं में मिली कमियों पर DRM ने नाराजगी जाहिर करते हुए संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।

डबरा रेलवे स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत आधुनिक स्वरूप देने का काम जारी है। इसी के तहत झांसी मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार ने स्टेशन का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माणाधीन कार्यों की मौके पर स्थिति देखी और अधिकारियों से प्रगति रिपोर्ट ली। स्टेशन पर करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से भव्य प्रवेश द्वार, सर्कुलेटिंग एरिया, 12 मीटर चौड़ा फुट ओवर ब्रिज, आधुनिक यात्री प्रतीक्षालय, टॉयलेट ब्लॉक, शेड, लाइटिंग और पेयजल जैसी सुविधाओं को विकसित किया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान DRM ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्माण एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही स्टेशन की साफ-सफाई, यात्री सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता देने को कहा। स्थानीय अधिकारियों से बातचीत के दौरान कुछ व्यवस्थाओं को लेकर DRM ने नाराजगी भी जताई और तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

वहीं स्थानीय पत्रकारों और जनप्रतिनिधियों ने भोपाल-ग्वालियर इंटरसिटी सहित प्रमुख ट्रेनों के डबरा में ठहराव का मुद्दा भी DRM के सामने उठाया। DRM ने कहा कि यात्रियों की जरूरत, टिकट बिक्री और स्थानीय जनभावनाओं सहित विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर ठहराव का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा जाता है। किसी ट्रेन के ठहराव का अंतिम निर्णय रेलवे बोर्ड के स्तर पर ही लिया जाता है।
कुल मिलाकर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत डबरा रेलवे स्टेशन के विकास कार्यों के निरीक्षण के दौरान DRM का रुख काफी सख्त नजर आया। अब देखना होगा कि अधिकारियों को दिए गए निर्देशों के बाद स्टेशन के विकास कार्य कितनी तेजी से जमीन पर आकार लेते हैं और यात्रियों को इन आधुनिक सुविधाओं का लाभ कब तक मिल पाता है।

