गांव में ब्राउन उल्लू को देखते ही ग्रामीणों ने गरुड़ देव समझकर शुरु कर दी पूजा, खबर फैलते ही लोगों का लगा तांता
Thursday, Jan 01, 2026-08:46 PM (IST)
खैरागढ़ (हेमंत पाल): खैरागढ़ जिले के जालबांधा से लागे शेरगढ़ गांव में उस वक्त कौतूहल और चर्चा का माहौल बन गया, जब गांव के कर्मा भवन में एक दुर्लभ पक्षी दिखाई दिया। बड़ी आंखें, मजबूत पंजे और अनोखा आकार देखकर ग्रामीणों ने उसे गरुड़ देव मान लिया और देखते ही देखते वहां पूजा-पाठ शुरू हो गया। गांव में अगरबत्ती, फूल और नारियल चढ़ाए जाने लगे, वहीं लोग दर्शन के लिए पहुंचने लगे।

कुछ ही देर में यह खबर पूरे गांव में आग की तरह फैल गई। कर्मा भवन लोगों की भीड़ से भर गया और हर कोई इसे दैवीय संकेत मानकर अपनी-अपनी आस्था व्यक्त करने लगा। ग्रामीणों का कहना था कि ऐसा पक्षी पहले कभी गांव में नहीं देखा गया, इसलिए इसे गरुड़ देव का अवतार माना जा रहा है।
हालांकि, पक्षी विशेषज्ञों ने इस मामले पर अलग ही तथ्य सामने रखे। विशेषज्ञों के अनुसार यह कोई गरुड़ नहीं, बल्कि ब्राउन उल्लू (Brown Owl) है। उनका कहना है कि इस समय उल्लुओं का प्रजनन और बच्चों को पालने का मौसम चल रहा है। इसी कारण ये पक्षी इंसानी बस्तियों के पास और खुले स्थानों पर दिखाई देने लगते हैं। विशेषज्ञों ने बताया कि ब्राउन उल्लू सामान्यतः रात में सक्रिय रहता है, लेकिन बच्चों की सुरक्षा और भोजन की तलाश में दिन में भी नजर आ सकता है।
विशेषज्ञों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे पक्षी को नुकसान न पहुंचाएं और उसे उसके प्राकृतिक वातावरण में रहने दें। साथ ही यह भी समझाया कि हर दुर्लभ या अलग दिखने वाला जीव दैवीय नहीं होता, बल्कि प्रकृति का ही एक हिस्सा है।
इसके बावजूद, शेरगढ़ गांव में यह घटना आस्था बनाम विज्ञान की चर्चा का विषय बनी हुई है। जहां एक ओर ग्रामीणों की श्रद्धा जुड़ी हुई है, वहीं दूसरी ओर विशेषज्ञ वैज्ञानिक दृष्टिकोण से इसे सामान्य प्राकृतिक घटना बता रहे हैं।
फिलहाल कर्मा भवन में मिला यह ब्राउन उल्लू पूरे इलाके में चर्चा का केंद्र बना हुआ है और शेरगढ़ गांव में यह घटना लंबे समय तक याद की जाएगी एक ऐसी कहानी के रूप में, जहां आस्था, जिज्ञासा और प्रकृति तीनों एक साथ नजर आए।

