सरकारी टीचर बनते ही पत्नी को किसान पति से लगी शर्म, मांगा तलाक
Friday, Jan 16, 2026-02:53 PM (IST)
भोपाल: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में फैमिली कोर्ट के सामने एक ऐसा मामला आया है, जिसने पति-पत्नी के रिश्तों और सामाजिक सोच पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस पति ने खुद कम पढ़ा-लिखा होने के बावजूद अपनी पत्नी को पढ़ाया, आगे बढ़ाया और सरकारी नौकरी तक पहुंचाया, आज वही पत्नी सरकारी टीचर बनते ही उससे दूरी बनाना चाह रही है।
पढ़ाई के लिए सब कुछ दांव पर लगाने वाले पति को मिला धोखा
भोपाल से सटे एक गांव के रहने वाले किसान कपिल कुमार (परिवर्तित नाम) ने शादी के बाद अपनी पत्नी शिवानी (परिवर्तित नाम) के सपनों को पूरा करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। खेती-किसानी से होने वाली सीमित आमदनी के बावजूद उन्होंने पत्नी को स्नातक, स्नातकोत्तर और फिर बीएड तक पढ़ाया। इतना ही नहीं, भोपाल में प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग दिलाने के लिए आर्थिक बोझ भी उठाया।
नौकरी मिलते ही पति से शर्मिंदगी
परिवार का सहारा बनकर खड़े रहने वाले पति के साथ अब पत्नी को रहना मंजूर नहीं है। सरकारी शिक्षक बनने के बाद दिव्या को अपने किसान पति के साथ रहने में “शर्मिंदगी” महसूस होने लगी। इसी कारण उसने फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल कर दी है।
फैमिली कोर्ट में चल रही काउंसलिंग
मामला फिलहाल भोपाल फैमिली कोर्ट में विचाराधीन है, जहां दोनों पक्षों की काउंसलिंग कराई जा रही है। कोर्ट यह समझने की कोशिश कर रहा है कि क्या रिश्ते को बचाया जा सकता है या नहीं।
पहले भी आ चुके हैं ऐसे मामले
गौरतलब है कि हाल ही में भोपाल फैमिली कोर्ट में एक और ऐसा मामला सामने आया था, जहां एसआई बनने के बाद पत्नी अपने पुरोहित पति से दूरी बनाने लगी और तलाक की मांग की थी। ऐसे मामलों की बढ़ती संख्या समाज में बदलते रिश्तों और सोच की तस्वीर पेश कर रही है।
सवाल वही है:
क्या सफलता के साथ रिश्तों की जिम्मेदारी खत्म हो जाती है, या फिर यह केवल सोच और संवेदनशीलता की कमी है?

