बीजेपी की बड़ी बैठक छोड़ अचानक दिल्ली रवाना हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया, सियासत में हलचल
Wednesday, Apr 15, 2026-12:38 PM (IST)
भोपाल: मध्यप्रदेश की सियासत में मंगलवार को उस वक्त हलचल तेज हो गई, जब बीजेपी की अहम कोर कमेटी की बैठक के बीच ही केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अचानक दिल्ली के लिए रवाना हो गए। यह बैठक मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित की गई थी, जिसमें संगठन और सरकार से जुड़े कई संवेदनशील मुद्दों पर मंथन चल रहा था।
बैठक की अगुवाई राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने की। सूत्रों के अनुसार, प्रदेश में लंबित राजनीतिक नियुक्तियां, दतिया विधानसभा सीट की संभावित चुनावी स्थिति, राज्यसभा की चौथी सीट पर दावेदारी और सरकार-संगठन के बीच बढ़ती दूरी जैसे मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहे।
इसी दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया का बैठक बीच में छोड़कर जाना राजनीतिक हलकों में कई सवाल खड़े कर गया। हालांकि उनके अचानक रवाना होने की आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है, लेकिन इसे दिल्ली स्तर की किसी अहम बैठक या निर्देश से जोड़कर देखा जा रहा है। बैठक में कुछ नेताओं ने निगम-मंडल और प्राधिकरणों में नियुक्तियों में हो रही देरी पर नाराजगी भी जताई। इस पर शिवप्रकाश ने साफ कहा कि यह विषय फिलहाल दिल्ली में लंबित है और इस पर प्रदेश अध्यक्ष के माध्यम से ही बात आगे बढ़ाई जाए।
संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने सुझाव दिया कि सभी मंत्री और विधायक तय दिन पर क्षेत्रीय कार्यालयों में जनता और कार्यकर्ताओं से मिलें, ताकि संवाद की कमी को दूर किया जा सके।
बैठक में केंद्र सरकार के प्रस्तावित ‘नारी वंदन अधिनियम’ को लेकर भी चर्चा हुई। नेताओं ने एक स्वर में इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया और प्रदेश स्तर पर इसे लेकर सक्रियता बढ़ाने की बात कही। इस महत्वपूर्ण बैठक में डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा, राजेंद्र शुक्ला, सांसद वीडी शर्मा, फग्गन सिंह कुलस्ते, प्रहलाद पटेल, कैलाश विजयवर्गीय सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
सूत्रों के मुताबिक, यह भी तय हुआ है कि अब कोर कमेटी की बैठक हर दो महीने में नियमित रूप से आयोजित की जाएगी, ताकि संगठन और सरकार से जुड़े फैसलों में देरी न हो।
वहीं, मंत्री संपतिया उइके की मौजूदगी भी चर्चा में रही, खासकर उनके विभाग से जुड़े पुराने विवादों को लेकर।
कुल मिलाकर, यह बैठक जहां संगठनात्मक मजबूती और bi आगामी रणनीति तय करने के लिए अहम मानी जा रही है, वहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया का बीच बैठक से जाना राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे गया है।

