जो जिंदा थे वो भी और जो मर गए उनको भी यहीं लाकर पटक दिया...हादसे में अपनों को खोने वालों का फूटा गुस्सा
Sunday, Oct 18, 2026-04:21 PM (IST)
ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में रविवार तड़के शीतला माता मंदिर में मां के दर्शन के लिए कतार में खड़े श्रद्धालुओं को एक ट्रक कुचलता हुआ आगे निकल गया। हादसे से मौके पर चीख पुकार मच गई। हादसे में15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, वहीं 28 लोग घायल बताए जा रहे हैं। ट्रक कई भक्तों और सड़क किनारे की दुकानों को कुचलता हुआ मंदिर के प्रवेश द्वार से टकराया, जिससे एक दीवार भी गिर गई।
हादसे के बाद परिजनों का बुरा हाल है। उनका आरोप है कि इस हादसे के लिए ग्वालियर पुलिस प्रशासन जिम्मेदार है। नो जोन में ट्रक को एंट्री मिलना, रेस्क्यू में देरी, अस्पताल में उचित इलाज न मिलने जैसे कई ऐसे सवाल उठ रहे हैं।
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यह हादसा रविवार तड़के करीब 1.30 बजे चिनौर रोड पर शीतला माता मंदिर के पास एक ढलान पर हुआ। जिला मुख्यालय से लगभग 20 किमी दूर स्थित यह 125 साल पुराना मंदिर नवरात्रि के दौरान लाखों भक्तों को आकर्षित करता है, जिनमें से कई लोग नंगे पैर प्रार्थना करने आते हैं।
हादसे में अपनों को खोने वाली युवती का आरोप है कि हादसा रात 2 बजे हुआ और हमें 4 बजे घायलों को अस्पताल क्यों लाया गया। उसी वक्त लाते तो शायद बच्चे की जान भी बच जाती। उनका आरोप है कि हमें नहीं बताया गया कि बच्चे की जान जा चुकी है। हम इंतजार करते रहे। पुलिसवालों ने फोन नहीं लगाया। किसी लड़के जो दोस्त है उसने बताया कि भाई की मौत हो चुकी है। वहीं बेटे को खोने वाले एक व्यक्ति का आरोप है कि पुलिस ने जिंदा और मृत सभी घायलों को एक ही जगह लाकर रख दिया। जो जिंदा थे उनको भी मार दिया।
वहीं बेटे को खोने वाली मां ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही मेरी बेटी बेटे को ढूंढने गई तो पुलिसवालों ने जाने नहीं दिया। महिला ने कहा कि पुलिसवाले ने क्यों नहीं ढूंढने दिया। पुलिसवाले का अपना कोई ऐसा होता तो क्या वो उनके साथ भी ऐसा ही करते? एक युवती ने बताया कि हम पांच लोग थे। चार लोग अंदर चले गए। भाई गेट के बाहर खड़े रह गए। थोड़ी देर में ट्रक आया और हादसा हो गया। अब हमें उसकी मौत की ही खबर मिली।
मंदिर के पास पूजा-सामग्री की दुकान चलाने वाले गजेंद्र प्रजापति ने बताया कि टक्कर इतनी अचानक और जोरदार थी कि आसपास का पूरा इलाका घने धुएं और धूल से भर गया। इस हादसे से नाराज चश्मदीदों ने मांग की कि इस बात की गहन जांच हो कि वाहनों की आवाजाही पर पाबंदी होने के बावजूद ट्रक मंदिर परिसर तक कैसे पहुंच गया। उन्होंने सुरक्षा में हुई इस चूक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

