PM आवास निर्माण में छत्तीसगढ़ देश में नंबर वन: ग्राम सचिवालय फिर होंगे शुरू, बस्तर में 41 अधूरी सड़कें पूरी- डिप्टी CM

Thursday, Jan 29, 2026-06:42 PM (IST)

रायपुर (पुष्पेंद्र सिंह): उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ देश का ऐसा राज्य बन चुका है, जहां सबसे तेज गति से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकानों का निर्माण किया जा रहा है। प्रतिदिन सबसे अधिक पीएम आवास बनाने में छत्तीसगढ़ देश में पहले स्थान पर है।

नवा रायपुर स्थित संवाद भवन में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि ग्रामीण अंचलों की समस्याओं के त्वरित समाधान और पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए ग्राम सचिवालयों को पुनः प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रथम कैबिनेट में ही 18 लाख पीएम आवासों की स्वीकृति दी गई थी, जिन्हें तेजी से पूर्ण कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्षों से अधूरे आवास, प्रतीक्षा सूची में शामिल परिवार, आवास प्लस योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को लाभ दिया गया है। इसके साथ ही 3 हजार से अधिक आत्मसमर्पित नक्सल पीड़ित परिवारों और विशेष पिछड़ी जनजातियों के हजारों परिवारों को भी आवास उपलब्ध कराए गए हैं।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में डिजिटल क्रांति को गांव-गांव तक पहुंचाया गया है। दो चरणों में 6195 अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों के माध्यम से अब तक 919 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन किया जा चुका है। पंचायत करों की ऑनलाइन वसूली भी शुरू हो चुकी है और धमतरी जिले की सांकरा ग्राम पंचायत देश की पहली पंचायत बनी है, जहां यूपीआई से टैक्स संग्रहण हुआ है। उन्होंने बताया कि बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में वर्षों से अधूरी पड़ी 41 महत्वपूर्ण सड़कें अब पूरी हो चुकी हैं। वहीं पीएम जनमन योजना के तहत आज़ादी के बाद पहली बार विशेष पिछड़ी जनजातियों की बसाहटों को सड़क सुविधा से जोड़ा जा रहा है।

महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में 368 महतारी सदनों का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें से 137 पूर्ण हो चुके हैं। स्व-सहायता समूह की महिलाओं के उत्पादों के लिए ‘छत्तीसकला’ ब्रांड तैयार किया गया है, जो आने वाले समय में देश के बड़े शहरों तक पहुंचेगा। मनरेगा में पारदर्शिता के लिए सभी ग्राम पंचायतों में क्यूआर कोड लगाए गए हैं, जिन्हें स्कैन कर अब तक 4.50 लाख से अधिक लोग योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर चुके हैं। जल संरक्षण के लिए ‘मोर गांव मोर पानी’ महाभियान के तहत 2.32 लाख से अधिक कार्य संपन्न किए गए हैं। प्रेसवार्ता में प्रमुख सचिव सुश्री निहारिका बारिक, सचिव श्री भीम सिंह, आयुक्त श्री तारण प्रकाश सिन्हा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


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Content Editor

Vikas Tiwari

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