दिग्विजय सिंह का राज्यसभा जाने से इंकार,उभर आए इतने कांग्रेसी दावेदार, इकलौती कांग्रेसी सीट खतरे में
Thursday, Mar 12, 2026-06:36 PM (IST)
(डेस्क): मध्यप्रदेश में 19 जून को राज्यसभा की तीन सीटों के लिए चुनाव होने जा रहा है। इनमें दो सीटें भाजपा के पास हैं, जबकि एक सीट कांग्रेस के पास हैं। भाजपा की ओर से डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी और जॉर्ज कुरियन सांसद हैं तो कांग्रेस सीट दिग्विजय सिंह के पास है। हालांकि दिग्विजय सिंह पहले ही राज्यसभा न जाने का ऐलान कर चुके हैं लेकिन कांग्रेस में इस सीट के लिए कई दावेदार सामने आ गए हैं, जिससे इस सीट पर खेला होने की संभावना बढ़ गई है।
कांग्रेस में इस सीट के लिए दावेदारों की लंबी फेरहिस्त
दिग्विजय सिंह के इनकार के बाद कांग्रेस में ही इस सीट के लिए दावेदारों की फौज खड़ी हो गई है। इस सीट के लिए कई नेताओं ने दावा ठोक दिया है। जिनमें कोई दिग्गज नाम हैं-
सबसे पहला नाम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी आ रहा है। वहीं पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन भी इस सीट के लिए इच्छुक हैं वहीं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ भी इस सीट से राज्यसभा जाने चाहते हैं। इसके साथ ही पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव , कमलेश्वर पटेल, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा के साथ ही प्रदीप अहिरवार भी दावेदारों की फेरहिस्त में हैं।
दलित वर्ग के नेता
दलित वर्ग से किसी नेता को राज्यसभा भेजने की मांग भी उठ रही है। इस संबंध में कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने पत्र लिखकर मांग की है।
ज्यादा दावेदारों से कांग्रेस को सता रहा क्रास वोटिंग का खतरा
हालांकि अगर कांग्रेस एकजुट रहती है तो इस सीट पर ज्यादा बड़ा कुछ नहीं होगा लेकिन कांग्रेस के भीतर सबसे बड़ा डर क्रॉस वोटिंग का है। अगर 5 से 6 विधायक भी कहीं यहां से वहां हो गए तो समझ लिजिए कांग्रेस की ये सीट हाथ से जा सकती है।
भाजपा सेट कर रही मैदान
वहीं बताया जा रहा है कि भाजपा की ओर से विधायकों को अगले चुनाव में टिकट और अन्य ऑफर देने की चर्चा भी पार्टी के अंदर चल रही है।
कांग्रेस को क्यों डरा रहा है क्रॉस वोटिंग का डर
दरअसल कांग्रेस का क्रॉस वोटिंग का डर जायज भी है। साल 2022 के राष्ट्रपति चुनाव में भी मध्यप्रदेश में बड़े पैमाने पर क्रॉस वोटिंग हुई थी। विपक्ष उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को 103 के करीब वोट मिलने की उम्मीद जताई जा रही थी लेकिन केवल 79 वोट ही मिले थे। कांग्रेस वोटों की संख्या से हिल गई थी और साबित हुआ था कि 2 दर्ज के करीब विधायकों ने पार्टी लाइन से परे वोटिंग की।
कैसे मिलेगी जीत
इस बार राज्यसभा चुनाव 230 विधायकों के गणित पर होगा। एक उम्मीदवार को जीतने के लिए करीब 58 वोटों की जरूरत होगी। ऐसे में थोड़े से भी विधायक अरे-परे हुए तो चुनावी समीकरण बदल जाएगा। इसलिए इस राज्यसभा सीट पर चुनाव से पहले ही राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। कांग्रेस की चिंता यह है कि पार्टी के भीतर ही कई दावेदार उभर आए हैं। जिससे क्रॉस वोटिंग की आशंका को बल मिल रहा है।

