दिग्विजय बनाम कांग्रेस? नोटिस पर निधि चतुर्वेदी का पलटवार, संगठन पर उठाए सवाल
Wednesday, Jul 15, 2026-04:59 PM (IST)
भोपाल : मध्य प्रदेश कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को लेकर सियासी घमासान थमता नजर नहीं आ रहा। अब प्रदेश महासचिव निधि चतुर्वेदी ने पार्टी के अनुशासनात्मक रवैये पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका कहना है कि अगर दिग्विजय सिंह के बयान से पार्टी को नुकसान हुआ, तो कार्रवाई सिर्फ उन पर ही क्यों हुई? आखिर दिग्विजय सिंह से जवाब क्यों नहीं मांगा गया?
उज्जैन जमीन विवाद को लेकर कांग्रेस सरकार के खिलाफ लगातार हमलावर थी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी सरकार पर गंभीर आरोप लगा रहे थे। इसी बीच दिग्विजय सिंह ने सार्वजनिक मंच से संबंधित ट्रस्ट को सरकारी बताया। निधि चतुर्वेदी का आरोप है कि इस बयान से कांग्रेस का अभियान कमजोर पड़ा और पार्टी की रणनीति को नुकसान पहुंचा।
दिग्विजय सिंह के बयान के बाद निधि चतुर्वेदी ने खुलकर विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह पुत्र मोह में संगठन को नुकसान पहुंचा रहे हैं और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस ने निधि को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया।
अब नोटिस का जवाब सार्वजनिक करते हुए निधि ने संगठन पर चयनात्मक कार्रवाई का आरोप लगाया है। उनका सवाल है कि अगर अनुशासन सभी के लिए बराबर है तो दिग्विजय सिंह से स्पष्टीकरण क्यों नहीं मांगा गया? उनके खिलाफ क्या कार्रवाई हुई?
निधि ने संगठन प्रभारी संजय कामले के अधिकार क्षेत्र पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि दोनों प्रदेश कांग्रेस के महासचिव हैं, ऐसे में एक महासचिव दूसरे महासचिव को किस अधिकार से कारण बताओ नोटिस जारी कर सकता है। उन्होंने कांग्रेस संविधान का हवाला देते हुए नोटिस को अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया है।
निधि चतुर्वेदी ने यह भी आरोप लगाया कि संगठन का आंतरिक नोटिस उन्हें आधिकारिक रूप से मिलने से पहले ही मीडिया और सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे उनकी राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचा। उन्होंने सात दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा है और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मानहानि सहित कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
उज्जैन जमीन विवाद से शुरू हुआ यह विवाद अब कांग्रेस के अंदर अनुशासन और दोहरे मापदंड की बहस तक पहुंच गया है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पार्टी नेतृत्व सिर्फ निधि चतुर्वेदी पर कार्रवाई करेगा या फिर दिग्विजय सिंह के बयान पर भी कोई फैसला लेगा। अब सभी की नजर प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व के अगले कदम पर टिकी है।

