2028 में कांग्रेस की सरकार बनी तो इंदौर दूषित पानी से मरे 35 लोगों के दोषियों को जेल करवाऊंगा...जीतू पटवारी का बड़ा ऐलान
Tuesday, Mar 24, 2026-03:54 PM (IST)
भोपाल : मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर तीखा बयान सामने आया है। जीतू पटवारी ने इंदौर में कथित जहरीले पानी की घटना को लेकर सत्ताधारी दल पर गंभीर आरोप लगाए हैं और बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि भाजपा सरकार ने इंदौर दूषित पानी से मरे 35 लोगों के मौत के जिम्मेदारों को सजा नहीं दिलाई, लेकिन कांग्रेस की सरकार में सभी दोषियों पर बड़ी कार्रवाई करेंगे और उन्होंने जेल भिजवाएंगे।
कांग्रेस का भाजपा पर सीधा हमला
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि इंदौर में जहरीले पानी की वजह से 35 लोगों की मौत हो गई, लेकिन इसके बावजूद भारतीय जनता पार्टी ने जिम्मेदार महापौर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने इसे प्रशासनिक विफलता बताते हुए सरकार को कठघरे में खड़ा किया।
35 लोग इंदौर में ज़हरीले पानी से मर गए, लेकिन भाजपा ने इसके ज़िम्मेदार महापौर को नहीं हटाया।
— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) March 24, 2026
2028 में कांग्रेस की सरकार आएगी, तब 35 परिजनों के हत्यारों को हम जेल की सलाख़ों के पीछे भेजेंगे। pic.twitter.com/gxZnRDua6G
2028 को लेकर दी चेतावनी
पटवारी ने कहा कि अगर 2028 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सरकार बनती है, तो इस मामले में जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने दावा किया कि दोषियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। जीतू पटवारी ने कहा कि मैं वचन देता हूं इंदौर शहर की जनता को आरोपियों को सजा दिलवाकर रहेंगे। उन्होंने आगे कहा कि अगर भाजपा नेताओं के भ्रष्टाचार का पता लगाना है तो किसी रॉकेट साइंस की जरूरत नहीं है। अपने स्थानीय भाजपा नेता की 10 साल पहले की जीवन शैली को देखो और आज की जीवनशैली को देखो, अपने आप पता चल जाएगा। अगर उसमें आर्थिक बदलाव आया है तो यह आपके खून पसीने के पैसे के भ्रष्टाचार से आया है। इंदौर शहर को भारतीय जनता पार्टी ने जो लूटा उसके कारण उनकी जीवन शैली में बदलाव आया है।
बयान से बढ़ी सियासी गर्मी
इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस जहां इस मुद्दे को लेकर आक्रामक रुख अपना रही है, वहीं भाजपा की ओर से भी इस पर जवाब आने की संभावना है।
जांच और सच्चाई पर टिकी नजर
हालांकि, इस पूरे मामले में आधिकारिक जांच और तथ्यों का सामने आना अभी बाकी है। ऐसे में सभी की नजर प्रशासनिक रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है। कुल मिलाकर, इस बयान ने एक बार फिर प्रदेश में सियासी माहौल को गरमा दिया है और आने वाले समय में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।

