MP में सियासी तूफान: जीतू पटवारी ने CM मोहन को हटाने के लिए PM मोदी को लिखा पत्र
Thursday, Jan 22, 2026-07:59 PM (IST)
भोपाल : मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को हटाने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। अपने पत्र में पटवारी ने राज्य सरकार के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव को पद से हटाने की मांग की है।
जीतू पटवारी ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में कानून व्यवस्था, प्रशासनिक नियंत्रण और जनहित के मुद्दों पर सरकार पूरी तरह विफल साबित हो रही है। उन्होंने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि लगातार सामने आ रही घटनाओं से प्रदेश की छवि खराब हो रही है और आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। सीएम मोहन को गंभीर प्रशासनिक विफलता की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत इस्तीफा देना चाहिए, क्योंकि ऐसा लगता है कि उनका नेतृत्व राज्य सिस्टम पर से कंट्रोल खो रहा है।"
प्रधानमंत्री जी,
— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) January 22, 2026
आपने देश को “भ्रष्टाचार मुक्त शासन” और “नया भारत” का भरोसा दिया था, लेकिन मध्य प्रदेश में आपकी ही मोहन सरकार के दौरान यदि जिला प्रशासन को लेकर यह स्थिति बन रही है कि “काम पैसे के बिना नहीं होता”, तो यह न केवल जनता के अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि आपके घोषित… pic.twitter.com/POBuXnYALT
उन्होंने कहा कि फिलहाल राज्य में भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताएं और सत्ता का दुरुपयोग हो रहा है और मांग की कि पूरे राज्य में जिला प्रशासन स्तर पर भ्रष्टाचार की एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, चाहे वह कोई केंद्रीय एजेंसी या कोई स्वतंत्र समिति करे। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि मध्य प्रदेश को स्थिर और जवाबदेह शासन की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी लिखा है कि यदि मौजूदा परिस्थितियों में नेतृत्व परिवर्तन नहीं किया गया, तो इसका सीधा नुकसान प्रदेश की जनता को उठाना पड़ेगा।
पटवारी के इस पत्र के सामने आने के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस इसे जनहित से जुड़ा मुद्दा बता रही है, जबकि भाजपा की ओर से इसे राजनीतिक नौटंकी और दबाव बनाने की कोशिश करार दिया जा रहा है। फिलहाल, प्रधानमंत्री कार्यालय या राज्य सरकार की ओर से इस पत्र को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन जीतू पटवारी के इस कदम से प्रदेश की राजनीति में आने वाले दिनों में और तीखापन आने के संकेत जरूर मिल रहे हैं।

