रावण भी होता तो द्रवित हो उठता, विजयवर्गीय को शर्म से गढ़ जाना चाहिए...कांग्रेस नेता ने सुनाई खरी खरी
Thursday, Jan 01, 2026-06:39 PM (IST)
इंदौर : मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी का मामले ने तूल पकड़ लिया है। अब तक 10 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। इस बीच इंदौर के स्थानीय नेता व मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से भागीरथपुरा घटना के बारे में पूछा तो मीडिया के सवालों का जवाब देने की बजाय वे भड़क उठे और उन्होंने सवाल को फोकट बताते हुए अभद्रता कर डाली। इस बयान को लेकर विजयवर्गीय की जमकर किरकिरी हो रही है। इसी बीच कांग्रेस नेता व पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने उनपर जुबानी हमला किया है।
शर्म से गढ़ जाना चाहिए- सज्जन वर्मा
सज्जन वर्मा ने कहा – वाह कैलाश बाबू आपने और आपकी भारतीय जनता पार्टी ने इंदौर में नए साल का बहुत बढ़िया तोहफा दिया है। आपके विधानसभा क्षेत्र में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है। इस पर द्रवित होने की बजाय जब कोई पत्रकार आपसे पूछता है तो आप आप अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं। आपको शर्म से गढ़ जाना चाहिए पृथ्वी पर। इस समय रावण भी होता तो द्रवित हो उठता। लेकिन आप लोगों के सीने में दिल कहां है। आप सब की संवेदनाएं तो मर चुकी है।
वाह भाई कैलाश बाबू, आपने और आपकी पार्टी ने तोहफा दिया है इंदौर को। 10 बेगुनाहों की मौतों पर तो रावण भी द्रवित हो जाता, शर्म से गढ़ जाना चाहिए आपको। आपकी और आपकी पार्टी की संवेदनाएं मर चुकी है।।@KailashOnline @BJP4MP @INCMP #Indore pic.twitter.com/SOyBt8yZ3b
— Sajjan Singh Verma (@sajjanvermaINC) December 31, 2025
क्या है विजयवर्गीय का बयान
दरअसल, मीडिया ने मंत्री विजयवर्गीय से जब 10 मौतों को लेकर सवाल पूछे, तो शुरुआत में वे संयमित नजर आए। लेकिन निजी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों के बिल भुगतान और स्वच्छ पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर सवालों के बीच वे भड़क गए। इसी दौरान एक पत्रकार से बहस में आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल कर दिया। उन्होंने कहा- क्या ...हो गया। फोकट के सवाल मत पूछो। यह पूरा घटनाक्रम कैमरे में कैद हो गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
विजयवर्गीय ने जताया खेद
विवादित वीडियो पर ट्रोल होने के बाद मंत्री विजयवर्गीय ने सोशल मीडिया पर सफाई जारी की। उन्होंने कहा कि वे और उनकी टीम पिछले दो दिनों से बिना सोए हालात सुधारने में जुटी हुई है। दूषित पानी से उनके क्षेत्र के लोग पीड़ित हैं और कुछ की मौत भी हुई है। इसी मानसिक दबाव और दुख की स्थिति में उनसे गलत शब्द निकल गए, जिसके लिए उन्होंने सार्वजनिक रूप से खेद प्रकट किया।

