मेरे पिता कट्टर कांग्रेसी थे,वो संघ शाखा में जाने पर बोलते थे कि तू गांधी हत्यारों के पास जा रहा,लेकिन मैं कट्टर राष्ट्रवादी थी-दिग्गज BJP नेता

Tuesday, Feb 17, 2026-10:47 PM (IST)

इंदौर (सचिन बहरानी): मध्य प्रदेश के इंदौर से आज सियासी खबर चर्चा में रही।  वरिष्ठ बीजेपी नेता एवं राष्ट्रीय कवि सत्यनारायण सत्तन का बेटी बेटी कनुप्रिया सत्तन के कांग्रेस ज्वाइन करने का जिक्र पूरा दिन सुर्खियों में रहा । वहीं उन्होंने बेटी के कांग्रेस ज्वाइन पर खुलकर अपने विचार रखे हैं और इसे किसी का निजी और व्यक्तिगत मामला बताया है। इसके साथ ही उन्होंने एक बड़ी बात बोली है। सत्तन ने कहा कि  मेरे पिताजी भी कट्टर कांग्रेसी थे, लेकिन मैने जनसंघ ज्वाइन की, आरएसएस ज्वाइन की, पिता ने डांटा, मैने डांट सुन ली, लेकिन जो मेरी विचारधारा थी उस पर ही अडिग रहा। इसलिए किसी को विचारधारा पर रोक लगाने मेरा कोई विचार नहीं है।

संघ की शाखा जाने पर पिता बोलते थे कि गांधी जी के हत्यारों के पास जा रहा-सत्तन

सत्यनारायण सत्तन ने कहा कि  मेरे पिताजी भी कट्टर कांग्रेसी थे, लेकिन मैने जनसंघ ज्वाइन किया था क्योंकि मेरी विचारधारा राष्ट्रवादी थी। मेरे पिता गुर्राकर करते थे कि तू गांधी जी के हत्यारों के पास जा रहा है जो सही नहीं है। लेकिन मैं अपने विचार पर कायम था। मैं कहता था कि कि मै कुछ भी हो संघ शाखाओं में जाउंगा और राष्ट्रधर्म का  पालन करुंगा। लेकिन इसके बाद पिता के विचार बदल गए। सत्तन ने कहा कि जब इंदिरा गांधी ने इलाहाबाद कोर्ट के फैसले की अवमानना की तो मेरे पिता जी ने कहा कि बेटे तू सही जगह गया है।

बेटी पर क्या बोले सत्तन?

वरिष्ठ बीजेपी नेता एवं राष्ट्रीय कवि सत्यनारायण सत्तन ने कहा है कि मैं बेटी की शादी कर उसका कन्यादान कर चुका हूँ, उसका अपना परिवार है, यह उसकी विचारधारा है, मैं उसे कैसे रोक सकता हूं। सत्तन ने कहा कि मेरी बेटी खुद पत्रकार रही है, वह हर बात को समझती है, यदि उसने कांग्रेस ज्वाइन की है तो यह उसकी विचारधारा है।  उसके कांग्रेस ज्वाइन करने से पिता पुत्री में कोई मतभेद नहीं होगा, ऐसे कई परिवार है जहां कोई कांग्रेस में है तो कोई बीजेपी में है।

कौन सा बाप है जो अपने बच्चों की विकास नहीं चाहता-सत्तन

सत्तन ने कहा है कि ऐसा कौन सा बाप है जो अपने बच्चों की उन्नति नहीं चाहता  वह अपनी पार्टी में आगे बढ़े हम यही चाहते है। यदि वह मुझसे कहती कि बीजेपी में कोई पद दिलवा दो तो शायद मैं नहीं दिलवा पाता। जिस जो कहना है कहे, लेकिन उसे जो सही लगा होगा वो उसने किया है।

अब कांग्रेस वो पार्टी नहीं रही है-सत्तन

सत्तन ने कहा है कि उनकी विचारधारा राष्ट्रवादी और  कांग्रेस राष्ट्रविरोधी पार्टी है। हम कांग्रेस की सेवा नहीं कर सकते , अगर कांग्रेस में कमी नहीं होती तो बीजपी क्यों सत्ता में होती।

 


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Content Editor

Desh Raj

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