दावोस से जबलपुर तक निवेश की गूंज: CM मोहन बोले- MP बना ग्लोबल इन्वेस्टमेंट हब, अब पहचान नक्शे से नहीं, उपलब्धियों से

Friday, Jan 23, 2026-08:37 PM (IST)

जबलपुर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसी भी प्रदेश की पहचान केवल उसके नक्शे से नहीं, बल्कि उसकी उपलब्धियों से होती है। मध्यप्रदेश आज अपनी प्रभावी नीतियों और उनके सफल क्रियान्वयन के कारण देश ही नहीं, बल्कि वैश्विक मंच पर भी एक नई पहचान बना रहा है। औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की दावोस बैठक में सहभागिता के बाद जबलपुर में महाकौशल चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से पहले की स्थिति अब पूरी तरह बदल चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है और आज दुनिया का हर देश भारत के साथ व्यापार और निवेश करना चाहता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक में 200 से अधिक देशों ने भाग लिया, लेकिन सबसे अधिक फोकस भारतीय प्रतिनिधिमंडल पर रहा। भारत सरकार के साथ 10 राज्यों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें मध्यप्रदेश विशेष रूप से उभरकर सामने आया। खासकर नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने वैश्विक निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया।

डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और पॉवर सेक्टर के माध्यम से सस्ती बिजली का उत्पादन किया जा रहा है और मात्र 2 रुपये 10 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि आर्थिक समृद्धि के बिना विकास संभव नहीं है और मध्यप्रदेश आज एक मजबूत आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में सड़क, बिजली, पानी और लैंड बैंक जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्ष 2025 को मध्यप्रदेश में उद्योग और रोजगार वर्ष के रूप में मनाया गया है। बेरोजगारी दर के मामले में मध्यप्रदेश देश के उन तीन राज्यों में शामिल है, जहां बेरोजगारी सबसे कम है। लगभग 9 करोड़ की आबादी होने के बावजूद यह प्रदेश की बड़ी उपलब्धि है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए 30 प्रतिशत तक कैपिटल सब्सिडी और एमएसएमई सेक्टर को 60 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है। मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश देश में अग्रणी है। मेडिकल कॉलेज खोलने के इच्छुक निवेशकों को 25 एकड़ भूमि मात्र एक रुपये की दर पर दी जा रही है। साथ ही निजी मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों को फीस के लिए राज्य सरकार ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि शहरी औद्योगिकीकरण से विकास को गति मिलती है। जबलपुर के समग्र विकास के लिए एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा, जिसमें 50 किलोमीटर के दायरे के सभी शहर शामिल होंगे। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की गई है, जिसमें 45 मिनट की यात्रा का किराया मात्र 3500 रुपये रखा गया है। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’, सांसद आशीष दुबे, विधायक अशोक रोहाणी सहित बड़ी संख्या में व्यापारी और उद्योगपति उपस्थित रहे।


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Content Editor

Vikas Tiwari

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