प्रखर हिंदुत्ववादी नेता ने RSS, बजरंग दल को बताया समलैंगिक हिजड़े, कहा- इनके चक्कर में पड़े रहे तो सनातनियों का कुछ नहीं बचेगा
Tuesday, Mar 31, 2026-04:02 PM (IST)
गुना (मिसबाह नूर): डासना देवी मंदिर के महामंडलेश्वर और प्रखर हिंदुत्ववादी नेता यति नरसिंहानंद सरस्वती ने गुना प्रवास के दौरान अपने बयानों से फिर चर्चा बटोर ली। उन्होंने पंचमुखी हनुमान मंदिर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि अगर हिंदुओं को अपना अस्तित्व बचाना है, तो उन्हें तालिबान और आईएसआईएस जैसी कट्टर और संगठित सेना तैयार करनी होगी। उन्होंने संघ और बजरंग दल जैसे संगठनों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि इनके भरोसे सनातन धर्म का संरक्षण असंभव है।
बजरंग दल , संघ जैसी संस्थाओं में नेताओं की चमचागिरी अधिक – यति नरसिम्हानन्द
नरसिंहानंद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिस तरह तालिबान और आईएसआईएस अपने धर्म के लिए समर्पित और कट्टर हैं, अगर कोई हिंदू सेना वैसी ही क्षमता दिखा सके, तो उन्हें उसका पूरा समर्थन होगा। उन्होंने संघ और बजरंग दल पर निशाना साधते हुए तगड़ा हमला बोला। यति ने कहा कि बजरंग दल..फजरंग दल संघ जैसे दलों समलैंगिक हिजड़े हैं, इनके चक्कर में पड़े रहे तो सनातनियों का कुछ नहीं बचेगा। उन्होंने कहा कि अन्य संगठन केवल दिखावे और सोशल मीडिया पर फोटो पोस्ट करने तक सीमित हैं और वास्तविक संघर्ष के लिए सक्षम नहीं हैं। उनके अनुसार, बजरंग दल और संघ जैसी संस्थाओं में नेताओं की चमचागिरी अधिक है और धर्म की रक्षा करने का साहस उनमें नहीं है।
महंत ने चेतावनी दी कि हिंदुओं के लिए यह अंतिम समय है। यदि यह भी असफल हो गया, तो सनातन धर्म जड़ से समाप्त हो जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब बलिदान और कट्टरता ही धर्म की रक्षा का एकमात्र मार्ग है। सरकारों और कानूनों पर भी उन्होंने कटाक्ष किया। उनका कहना था कि भारत में कानून भेदभाव मिटाने के लिए नहीं बल्कि हिंदुओं को आपस में लड़वाकर कमजोर करने के लिए बनाए जाते हैं।

