बड़े हिंदुत्ववादी नेता बोले-सनातन धर्म रक्षा के लिए तालिबान, ISIS जैसी कट्टर सेना की जरुरत, मुस्लिम औरतें मुस्लिम मर्दो से ज्यादा जेहादी
Tuesday, Mar 31, 2026-03:41 PM (IST)
गुना (मिसबाह नूर): डासना देवी मंदिर के महामंडलेश्वर और प्रखर हिंदुत्ववादी नेता यति नरसिंहानंद सरस्वती ने गुना प्रवास के दौरान अपने बयानों से फिर चर्चा बटोर ली। उन्होंने पंचमुखी हनुमान मंदिर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि अगर हिंदुओं को अपना अस्तित्व बचाना है, तो उन्हें तालिबान और आईएसआईएस जैसी कट्टर और संगठित सेना तैयार करनी होगी। उन्होंने संघ और बजरंग दल जैसे संगठनों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि इनके भरोसे सनातन धर्म का संरक्षण असंभव है।
महंत ने चेतावनी दी कि हिंदुओं के लिए यह अंतिम समय है। यदि यह भी असफल हो गया, तो सनातन धर्म जड़ से समाप्त हो जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब बलिदान और कट्टरता ही धर्म की रक्षा का एकमात्र मार्ग है। सरकारों और कानूनों पर भी उन्होंने कटाक्ष किया। उनका कहना था कि भारत में कानून भेदभाव मिटाने के लिए नहीं बल्कि हिंदुओं को आपस में लड़वाकर कमजोर करने के लिए बनाए जाते हैं।
स्लिम औरतें तो मुस्लिम मर्दो से ज्यादा जेहादी होती है- यति नरसिंहानंद सरस्वती
उन्होंने जनता से अपील की कि ऐसे शासन का विरोध करें, जो सनातन धर्म के खिलाफ कानून बनाते हैं। गुना में हुए दुष्कर्म मामलों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि मुस्लिम युवतियां अधिक जिहादी प्रवृत्ति की होती हैं, इसलिए हिंदू युवतियों को उनसे दोस्ती नहीं करनी चाहिए। मुस्लिम औरतें तो मुस्लिम मर्दो से ज्यादा जेहादी होती है जो अपने पिता भाई के साथ खड़ी होती हैं जब वो हिंदु बेटियों के साथ रेप होता है। असली जेहादन मुस्लिम औरतें हैं।
विश्वगुरु बनने के सपने पर नरसिंहानंद ने प्रश्न उठाए। उनका कहना था कि भारत अगर विश्वगुरु बन भी गया, तो वह सनातन भारत नहीं बल्कि मुस्लिम भारत होगा। जनसंख्या असंतुलन के चलते हिंदू समुदाय धीरे-धीरे कमजोर होता जा रहा है। उन्होंने कुछ हिंदू गुरुओं पर भी हमला करते हुए कहा कि वे केवल अपने अनुयायियों को भ्रमित कर रहे हैं और व्यक्तिगत लाभ के लिए धर्म का उपयोग कर रहे हैं।

