कलेक्टर से मिलने 15 KM पैदल निकले 200 छात्र, प्राचार्य की शिकायत लेकर शहडोल की ओर बढ़े, प्रशासन ने भेजीं 2 बसें
Wednesday, Oct 07, 2026-07:26 PM (IST)
शहडोल। जैतपुर के बिरौड़ी स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय के करीब 200 विद्यार्थी अपनी समस्याओं और प्राचार्य से जुड़ी शिकायतों को लेकर सीधे कलेक्टर से मिलने के लिए पैदल ही शहडोल की ओर निकल पड़े। विद्यार्थियों का कहना था कि वे अपनी शिकायत स्थानीय स्तर के अधिकारियों के सामने नहीं, बल्कि कलेक्टर के समक्ष रखना चाहते हैं। इसी मांग को लेकर बड़ी संख्या में छात्र विद्यालय परिसर से पैदल रवाना हुए।
बताया गया कि विद्यार्थी करीब 15 किलोमीटर से अधिक दूरी पैदल तय कर चुके थे। जैतपुर से शहडोल की दूरी 70 किलोमीटर से ज्यादा है। रास्ते में विद्यार्थी अपनी मांगों को लेकर नारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। विद्यार्थियों के इस तरह पैदल शहडोल रवाना होने की जानकारी प्रशासन को मिली तो अधिकारियों में भी हलचल शुरू हो गई।
रास्ते में अधिकारियों ने विद्यार्थियों से की बातचीत
विद्यार्थियों को शहडोल पहुंचने से काफी पहले ही प्रशासनिक अधिकारियों ने रास्ते में रोककर उनसे बातचीत शुरू की। मौके पर एडीएम, एसडीएम, तहसीलदार, एसी ट्राइबल सहित अन्य अधिकारी पहुंचे। अधिकारियों ने विद्यार्थियों की समस्याएं जानने और उन्हें समझाने का प्रयास किया।
इससे पहले विद्यालय प्रबंधन की ओर से भी विद्यार्थियों से चर्चा की गई थी, लेकिन विद्यार्थी कलेक्टर से सीधे मुलाकात करने की अपनी मांग पर कायम रहे। उनका कहना था कि विद्यालय से संबंधित कई शिकायतें हैं और वे चाहते हैं कि उनकी बात सीधे जिले के कलेक्टर तक पहुंचे।
छात्रों के बाद छात्राएं भी हॉस्टल से निकलीं
इसी बीच बिरौड़ी स्थित एकलव्य छात्रावास की छात्राएं भी हॉस्टल से बाहर निकलकर अधिकारियों से मिलने के लिए आगे बढ़ गईं। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन छात्राएं अपनी बात अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए आगे बढ़ती रहीं।
छात्राएं भी स्थानीय स्तर पर बातचीत करने के बजाय अपनी समस्याएं जिम्मेदार अधिकारियों के सामने रखना चाहती थीं। इसकी जानकारी मिलने के बाद प्रशासन की टीम छात्राओं से चर्चा करने के लिए मौके पर पहुंची।
बच्चों की सुरक्षा के लिए भेजी गईं दो बसें
विद्यार्थियों के लगातार पैदल चलने और लंबी दूरी को देखते हुए प्रशासन ने उनकी सुरक्षा के लिए दो बसें मौके पर भेजीं। कुछ विद्यार्थी बसों में बैठ गए, जबकि कई छात्र पैदल ही आगे बढ़ते रहे। बसें पैदल चल रहे विद्यार्थियों के पीछे चलती रहीं और पुलिस तथा प्रशासनिक अमला भी उनके साथ मौजूद रहा। रास्ते में बच्चों के लिए चाय, नाश्ता और बिस्किट की व्यवस्था भी की गई, ताकि लंबी दूरी तय करने के दौरान उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो।
शिकायतों के निराकरण का दिया भरोसा
एसी ट्राइबल आनंद राय सिन्हा सहित अधिकारियों ने विद्यार्थियों से बातचीत कर उनकी शिकायतें सुनीं और समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया। प्रशासन की ओर से बच्चों को समझाने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास लगातार किए जाते रहे। हालांकि, विद्यार्थी अपनी मांगों को लेकर काफी देर तक कलेक्टर से सीधे मिलने पर अड़े रहे। पूरे घटनाक्रम के दौरान प्रशासन की टीम विद्यार्थियों के साथ रही और उन्हें सुरक्षित रखने के लिए बस एवं पुलिस व्यवस्था की गई।

