दिल्ली में बंद कमरे की बैठक... MP कांग्रेस के 6 बड़े नेताओं की कुर्सी पर मंडराया खतरा! बड़ा फैसला कभी भी!
Wednesday, Aug 05, 2026-10:03 AM (IST)
भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस संगठन में जल्द ही व्यापक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। नई दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में आयोजित अहम संगठनात्मक समीक्षा बैठक में प्रदेशभर के जिला कांग्रेस अध्यक्षों के कामकाज का विस्तृत आकलन किया गया। बैठक में कई जिलाध्यक्षों के प्रदर्शन पर गंभीर सवाल उठे, जिसके बाद संगठन में बदलाव की प्रक्रिया तेज होने के संकेत मिले हैं।
सूत्रों के अनुसार, संगठन ने जिलाध्यक्षों के प्रदर्शन को तीन श्रेणियोंA, B और C में विभाजित कर उनका मूल्यांकन किया। बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलाध्यक्षों को A श्रेणी में रखा गया, जबकि औसत प्रदर्शन वाले जिलाध्यक्ष B श्रेणी में शामिल किए गए। सबसे कमजोर प्रदर्शन वाले जिलाध्यक्षों को C श्रेणी में रखा गया है, जिन पर अगले दौर की समीक्षा में फैसला लिया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, B श्रेणी में शामिल 45 जिलाध्यक्षों की समीक्षा के बाद 6 जिलाध्यक्षों को पद से हटाने पर सहमति बन चुकी है। माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व जल्द ही इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर सकता है।
सूत्रों के मुताबिक जिन जिलों के जिलाध्यक्षों पर कार्रवाई की संभावना सबसे अधिक बताई जा रही है, उनमें डिंडोरी, सिंगरौली, रायसेन, ग्वालियर ग्रामीण, अलीराजपुर और आगर मालवा शामिल हैं। हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक इन नामों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
उधर, C श्रेणी में रखे गए 15 जिलाध्यक्षों की रिपोर्ट पर अगली बैठक में चर्चा होगी। यदि वहां भी कमजोर प्रदर्शन को लेकर कार्रवाई होती है, तो प्रदेश में कुल 8 या उससे अधिक जिलाध्यक्षों को बदला जा सकता है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस आगामी चुनावी चुनौतियों को देखते हुए संगठन को अधिक सक्रिय और परिणामोन्मुख बनाना चाहती है। इसी रणनीति के तहत निष्क्रिय या अपेक्षित प्रदर्शन नहीं करने वाले पदाधिकारियों की जगह नए चेहरों को जिम्मेदारी देने की तैयारी की जा रही है।
फिलहाल सभी की नजरें पार्टी नेतृत्व के अंतिम निर्णय पर टिकी हैं। यदि प्रस्तावों पर औपचारिक मुहर लगती है, तो मध्य प्रदेश कांग्रेस संगठन में यह हाल के वर्षों का सबसे बड़ा संगठनात्मक बदलाव साबित हो सकता है।

