MP की बेटी पर दिल्ली सरकार का बड़ा भरोसा, BJP की दिग्गज महिला नेत्री को मिली बड़ी जिम्मेदारी! हर तरफ हो रही चर्चा
Sunday, Jul 26, 2026-06:46 PM (IST)
भोपाल। करीब ढाई वर्षों से खाली पड़े दिल्ली महिला आयोग को आखिरकार नया नेतृत्व मिल गया है। दिल्ली सरकार ने भाजपा की वरिष्ठ नेता और पूर्व निगम पार्षद लता गुप्ता को आयोग का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। उनके साथ श्याम बाला, मालती वर्मा, लता सोढ़ी, सनरिका शर्मा झा और रेनू भल्ला को आयोग का सदस्य बनाया गया है। सरकार का मानना है कि इन नियुक्तियों से महिलाओं की सुरक्षा, अधिकारों के संरक्षण और न्याय तक उनकी पहुंच को और अधिक मजबूती मिलेगी।
दिल्ली सरकार की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी आधिकारिक जानकारी में कहा गया कि महिला आयोग महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नए नेतृत्व के साथ आयोग की कार्यप्रणाली को नई गति मिलने की उम्मीद है।
मध्य प्रदेश से जुड़ा है गहरा नाता
नई अध्यक्ष लता गुप्ता का जन्म मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में एक ऐसे परिवार में हुआ, जहां सामाजिक सेवा और राष्ट्रहित की भावना को विशेष महत्व दिया जाता रहा है। छात्र जीवन से ही सार्वजनिक गतिविधियों में सक्रिय रहीं लता गुप्ता ने संगठनात्मक कार्यों के माध्यम से अपनी अलग पहचान बनाई। दिल्ली भाजपा में उन्होंने उपाध्यक्ष, महिला मोर्चा की पूर्व महामंत्री और शाहदरा जिला अध्यक्ष जैसे कई अहम दायित्व निभाए हैं।
महिला सशक्तिकरण रही प्राथमिकता
लता गुप्ता लंबे समय से महिला अधिकार, सामाजिक जागरूकता और जनसेवा से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रही हैं। पार्टी संगठन में उनकी मजबूत पकड़ और जमीनी अनुभव को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। माना जा रहा है कि उनके नेतृत्व में आयोग महिलाओं से जुड़े मामलों के त्वरित समाधान और जागरूकता अभियानों पर विशेष फोकस करेगा।
जनवरी 2024 से खाली था पद
दिल्ली महिला आयोग के अध्यक्ष का पद जनवरी 2024 से रिक्त था। तत्कालीन अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद यह जिम्मेदारी किसी को नहीं सौंपी गई थी। अब लंबे अंतराल के बाद आयोग को स्थायी अध्यक्ष मिलने से इसकी प्रशासनिक और कार्यात्मक गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है।
अल्पसंख्यक आयोग में भी नई नियुक्तियां
दिल्ली सरकार ने इसी क्रम में निर्मल जैन को दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है। वहीं कुलदीप सिंह और मोहम्मद हारून को आयोग का सदस्य बनाया गया है। सरकार ने कहा कि ये नियुक्तियां समाज के सभी वर्गों के अधिकारों की रक्षा, सामाजिक सद्भाव और समावेशी विकास को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी।

