MP में 800 प्रोफेसरों पर मंडराया संकट, कॉलेजों में अंतरिम वरिष्ठता सूची जारी होते ही मचा हड़कंप,ये फंसा पेंच
Wednesday, Mar 11, 2026-07:00 PM (IST)
(भोपाल): मध्य प्रदेश में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा सहायक प्राध्यापकों की अंतरिम वरिष्ठता सूची जारी होते ही कॉलेजों में हड़कंप मच गया है। इस सूची में करीब 800 ऐसे प्रोफेसरों के नाम असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में दर्ज कर दिए गए हैं, जिन्हें पहले के सालों में ही प्रोफेसर पदनाम मिल चुका था। वरिष्ठता सूची के अनुसार ये सभी नाम सहायक प्राध्यापक की श्रेणी में दिखाए गए हैं, जबकि इनमें से कई शिक्षकों को वर्षों पहले प्रोफेसर का पदनाम मिल चुका है। इससे प्रदेश भर के कॉलेजों में हड़कंप मच गया है। जानकारी के मुताबिक साल 2006 साल 2007 और 2009 में ही प्रोफेसर का पदनाम मिल चुका था।
उच्च शिक्षा विभाग की ओर से सहायक प्राध्यापकों (असिस्टेंट प्रोफेसर) की अंतरिम वरिष्ठता सूची जारी करते ही धुकधुकी बढ़ गई। विभाग ने यह सूची 1 अप्रैल 2012 की स्थिति के आधार पर विषयवार प्रकाशित की है। इस सूची के जारी होने के बाद सामने आया कि इसमें करीब 800 ऐसे प्रोफेसरों के नाम असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में दर्ज कर दिए गए जिन्हें साल 2006, 2007 और 2009 में ही प्रोफेसर पदनाम दिया जा चुका था।
वरिष्ठता सूची में ये सभी नाम सहायक प्राध्यापक की श्रेणी में दिखाए गए हैं, जबकि इनमें से कई शिक्षकों को सालों पहले प्रोफेसर का पदनाम मिल चुका है। और तो और इन प्रोफेसरों में से कई वर्तमान में उच्च पदों पर भी आसीन है। कुछ तो विश्वविद्यालयों में रजिस्ट्रार और कुलपति जैसे पदों पर भी जिम्मेदारी संभाल चुके है।
वहीं विभाग ने अंतरिम वरिष्ठता सूची पर किसी भी तरह की आपत्ति पर प्रकाशन की तारीख से 15 दिनों के भीतर दावे-आपत्तियों दर्ज कराने का को कहा है।

