MP में मंत्री दर्जा नेताओं को सख्त चेतावनी! काफिले की आदत छोड़ो, नेताओं को सादगी अपनाने के निर्देश
Monday, May 18, 2026-06:10 PM (IST)
भोपाल: मध्यप्रदेश की राजनीति में अब सादगी और अनुशासन का नया संदेश दिया जा रहा है। भोपाल में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में मंत्री दर्जा प्राप्त नेताओं को साफ शब्दों में समझाइश दी गई कि अब “काफिले वाली राजनीति” छोड़नी होगी। नेताओं से कहा गया कि पीएम नरेंद्र मोदी की अपील का पालन करते हुए फिजूल खर्च और शक्ति प्रदर्शन से दूरी बनानी होगी।
राजधानी भोपाल के अटल बिहारी बाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में निगम, मंडल, बोर्ड, आयोग और प्राधिकरणों के नवनियुक्त अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस ट्रेनिंग में मंत्री दर्जा प्राप्त नेताओं ने हिस्सा लिया।
बैठक के दौरान नेताओं को साफ संदेश दिया गया कि कार्यक्रमों में बेवजह गाड़ियों का लंबा काफिला लेकर पहुंचने की आदत छोड़नी होगी। कहा गया कि कई बार उत्साह में कार्यकर्ता बड़ी संख्या में वाहन लेकर पहुंच जाते हैं, लेकिन अब इसे रोकना जरूरी है। नेताओं को खुद भी सादगी अपनाने और ऊर्जा बचत पर ध्यान देने की सलाह दी गई।
ट्रेनिंग में नेताओं को शासन की कार्यप्रणाली, वित्तीय प्रबंधन, विभागीय जिम्मेदारियां और प्रशासनिक समन्वय की जानकारी दी गई। विभागीय मंत्रियों और अफसरों के साथ बेहतर तालमेल बनाकर काम करने पर भी जोर दिया गया।
सरकार की ओर से यह भी संकेत दिए गए कि अनुशासनहीनता या विवादित गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। हाल ही में भिंड किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष सज्जन सिंह ठाकुर को पद से हटाया गया, जबकि पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष सौभाग्य सिंह ठाकुर के अधिकार फ्रीज किए जा चुके हैं। साफ है कि मध्यप्रदेश सरकार अब सत्ता के साथ सादगी और जवाबदेही का संदेश देने की कोशिश में जुटी है… और इसकी शुरुआत नेताओं की वीआईपी संस्कृति पर लगाम लगाने से की जा रही है।

