भारी काफिला और भव्य स्वागत पर फंसे नेता, बीजेपी में सख्त कार्रवाई शुरू
Saturday, May 16, 2026-12:26 PM (IST)
भोपाल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन की बचत और सादगीपूर्ण कार्यक्रमों की लगातार अपील के बावजूद कई नेताओं द्वारा भारी-भरकम काफिलों और भव्य स्वागत कार्यक्रमों के आयोजन का मामला अब भारतीय जनता पार्टी के भीतर गंभीर विवाद का विषय बन गया है। पार्टी संगठन ने ऐसे मामलों को अनुशासनहीनता मानते हुए सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है, जिससे प्रदेश स्तर पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी नेतृत्व ने उन नेताओं की सूची तैयार कर ली है, जिनके कार्यक्रमों में सैकड़ों वाहनों के काफिले, जेसीबी से फूल बरसाने और शक्ति प्रदर्शन जैसे दृश्य सामने आए हैं। इन सभी को 17 मई को प्रदेश भाजपा कार्यालय में तलब किया गया है, जहां प्रदेशाध्यक्ष के साथ उनकी वन-टू-वन चर्चा होगी। संतोषजनक जवाब न मिलने पर आगे और कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
हाल ही में पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष सौभाग्य सिंह और किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष सज्जन सिंह यादव पर पहले ही कार्रवाई की जा चुकी है, जिससे संगठन के भीतर स्पष्ट संदेश गया है कि अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इसी क्रम में सिंगरौली विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष वीरेंद्र गोयल और महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा यादव के कार्यक्रमों में भारी काफिले और भीड़ प्रबंधन से उत्पन्न जाम की स्थिति को भी पार्टी ने गंभीरता से लिया है। इनके स्वागत समारोहों के वीडियो संगठन तक पहुंचने के बाद इन सभी को भी स्पष्टीकरण के लिए बुलाया गया है।
वहीं पिछड़ा वर्ग मोर्चा के अध्यक्ष पवन पाटीदार के कार्यक्रम में जेसीबी से फूल बरसाने और बड़े काफिले के वीडियो वायरल होने के बाद विवाद और गहरा गया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि ऐसे प्रदर्शन संगठन की छवि और प्रधानमंत्री की सादगी की अपील दोनों के विपरीत हैं।
हालांकि, इस पूरे मामले में एक मंत्री पर फिलहाल पार्टी की चुप्पी भी चर्चा का विषय बनी हुई है। सूत्र बताते हैं कि उनके खिलाफ अभी तक कोई आधिकारिक तलब या संदेश जारी नहीं किया गया है, जिससे अंदरूनी स्तर पर सवाल भी उठ रहे हैं। कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री की अपील के बाद भाजपा संगठन अब पूरी तरह सक्रिय मोड में है और अनुशासन को लेकर सख्त संदेश देने की तैयारी में दिख रहा है।

