दुर्ग में पकड़ा गया ''उसूल वाला'' चोर — सिर्फ नगद पर करता था हाथ साफ, पुलिस भी हो गई हैरान!

Friday, Aug 29, 2025-12:07 AM (IST)

दुर्ग। (हेमंत पाल): मंदिरों की पवित्रता को निशाना बनाकर नकद चुराने वाला शातिर चोर पुलिस की गिरफ्त में आ गया। चौंकाने वाली बात यह रही कि वह सिर्फ नगद रकम ही चुराता था, जबकि सोने-चाँदी के आभूषणों को हाथ भी नहीं लगाता — मानो आस्था के प्रति उसका कोई "अपना उसूल" हो।

फिल्मी अंदाज़ में चोरी — रेकी, वेशभूषा बदलना और फरारी

आरोपी यशवंत उपाध्याय उर्फ़ राजू (45) मंदिर में चोरी से पहले बारीकी से रेकी करता था। वारदात वाले दिन जुपिटर स्कूटर से मंदिर के पास आता, रास्ते में कपड़े बदलता और फिर पैदल मंदिर पहुंचकर ताला तोड़ देता। चोरी के बाद कपड़े बदलकर गलियों से निकल जाता, ताकि सीसीटीवी कैमरों से बच सके।

1282 रुपये के सिक्के और जुपिटर जब्त

ताज़ा वारदात में पुलिस ने उससे ₹1282 के सिक्के और उसका जुपिटर स्कूटर बरामद किया है। रकम भले ही मामूली लगे, लेकिन उसकी चतुराई और प्लानिंग ने पुलिस को लंबे समय तक छकाए रखा।

CCTV और 'त्रिनयन एप' बने गेम चेंजर

पुलिस की साइबर टीम ने सीसीटीवी फुटेज और त्रिनयन एप की मदद से आरोपी के मूवमेंट को ट्रैक किया। एसीसीयू और थाना नेवई की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।

जेल बना क्राइम स्कूल, मंदिर बने टारगेट

आरोपी ने 2011-12 में मारपीट के एक केस में जेल काटी, जहां वह अन्य अपराधियों के संपर्क में आया। बाहर निकलते ही उसने मंदिरों को अपना टारगेट बना लिया और अब तक 10 से ज्यादा मंदिरों में चोरी करना कबूल कर चुका है।

जागरूक जनता बनी पुलिस की ताकत

शहरवासियों द्वारा लगाए गए हाई-क्वालिटी कैमरों ने इस केस में अहम सुराग दिए। यह घटना साबित करती है कि तकनीक और नागरिकों की सतर्कता साथ मिल जाए तो अपराधियों को पकड़ना आसान हो जाता है।

वरिष्ठ अफसरों की मॉनिटरिंग और टीम की तेजी

पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल के निर्देशन में एसीसीयू और थाना नेवई की टीम ने पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया और आरोपी को दबोच लिया।


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Content Editor

Himansh sharma

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