MP में जल संसाधन विभाग में भ्रष्टाचार का बड़ा खेल, अकाउंटेंट और कलर्क एक साथ रिश्वत लेते गिरफ्तार
Wednesday, Oct 28, 2026-08:44 PM (IST)
पन्ना (टाइगर खान) : सागर लोकायुक्त पुलिस ने जल संसाधन विभाग में भ्रष्टाचार के एक बड़े मामले का पर्दाफाश करते हुए डिविजनल एकाउंटेंट (DA) दीपक परिहार को 15,000 और लिपिक अरविंद पाठक को 30,000 यानी कुल 45,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा है। जिससे विभाग के भीतर हड़कंप मच गया है। पन्ना के जिला न्यायालय के सामने स्थित विभागीय कार्यालय में हुई कारर्वाई के दौरान दोनों अधिकारियों को रगें हाथों दबोचा।
जानकारी के अनुसार, अजयगढ़ तहसील के मझगांय बांध परियोजना के निर्माण कार्य के भुगतान के एवज में वैष्णव कंस्ट्रक्शन कंपनी, ग्वालियर के ठेकेदार गौरव तोमर से रिश्वत मांगी जा रही थी। पिछले तीन महीनों से लगातार चक्कर काटने और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर ठेकेदार ने आखिरकार सागर लोकायुक्त कार्यालय में इसकी शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायतकर्ता ठेकेदार ने मीडिया को बताया कि अधिकारियों की इस मनमानी और अवैध मांग के कारण उन्हें अपना काम और साजो-सामान तक गिरवी रखना पड़ गया था। अधिकारी फोन पर बात करने से बचते थे और व्यक्तिगत रूप से मिलकर मनचाही रकम मांगते थे। तंग आकर उन्होंने कानून का सहारा लिया और लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर दोनों आरोपियों को धर दबोचा।
वहीं सागर लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस सनसनीखेज छापे के बाद जल संसाधन विभाग के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों में भी भारी खौफ का माहौल है। लोकायुक्त टीम अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इस भ्रष्टाचार के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

