MP में नतीजे नहीं देने वाले अधिकारियों पर प्रशासनिक स्ट्राइक की तैयारी,छीने जाएंगे अहम ओहदे,कवायद तेज
Sunday, Jul 05, 2026-04:28 PM (IST)
(भोपाल): मध्य प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में एक बार फिर आहट है। कई अधिकरियों के काम को लेकर सवाल उठ रहे हैं तो कुछ विभाद ऐसे हैं जो बिना प्रमुख सचिव के धकेले जा रहे हैं । इससे काम और परफार्मेंस पर प्रभाव पड़ रहा है। दरअसल मध्यप्रदेश में कुछ अहम विभाग बिना प्रमुख सचिव के ही चल रहे हैं। 3 विभाग तो ऐसे हैं जहां प्रमुख सचिव की तत्काल नियुक्ति की जरुरत है। इसके साथ ही उन अधिकारियों पर भी तबादलों की तलवार लटकी है जो कई बार बोले जाने के बाद भी अपेक्षित परिणाम नहीं दे पा रहे हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि ऐसे अधिकारियों से उनके दायित्व वापिस लेने की कवायद चल रही है। इन अधिकारियों से दायित्व लेकर एक्टिव और परिणाम देने वाले अधिकारियों को आगे लाया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव अगले माह रिटायर होने वाले हैं, इसी तरह पर्यावरण विभाग व विमानन विभाग को भी PS की जरूरत है। इसके अलावा कई अधिकारियों के काम संतुष्टि वाला नहीं है, जिस चलते मध्य प्रदेश में एक बार फिर प्रशासनिक स्ट्राइक की बात हो रही है।
वहीं जानकारी ये भी है कि मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर नीचे तक कुछ अधिकारी ऐसे है, जो रिजल्ट नहीं दे पा रहे हैं। बार बार बोलने के बाद भी वो नतीजे नहीं आ रहे हैं जो अपेक्षित हैं। इसलिए ऐसे में प्रशासनिक फेरबदल की आहट की बात सुनी जा रही है।
पशुपालन विभाग को चाहिए नया PS
पशुपालन विभाग का जिम्मा उमाकांत उमराव के पास है लेकिन वो 1 अगस्त सेवानिवृत्त हो रहे हैं। वैसे ही बालाघाट को भी एडिशनल कलेक्टर की जरुरत है। IAS जीएस धुर्वे भी 16 अगस्त को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। वहीं पर्यावरण विभाग में एसीएस अनिरुद्ध मुकर्जी के पास अतिरिक्त प्रभार है, यहां भी नए प्रमुख सचिव मिल सकते हैं। लिहाजा इस बाबत कवायद तेज हो गई है।

