मंत्री बुलाते रहे, लेकिन मंच पर नहीं पहुंचे विधायक, आखिर कार्यक्रम में ऐसा क्या हुआ कि बढ़ गई सियासी चर्चा
Saturday, Oct 31, 2026-06:44 PM (IST)
धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी में आयोजित भाजपा के जिला स्तरीय कार्यक्रम में पार्टी के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर का अलग अंदाज राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित कुरूद विधायक ने मंच पर जगह लेने के बजाय कार्यकर्ताओं के बीच बैठना पसंद किया। खास बात यह रही कि कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा के बार-बार आग्रह के बावजूद वे मंच पर नहीं पहुंचे।
भाजपा की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य 'भीड़ तंत्र हटाओ, लोकतंत्र बचाओ' के नारे के साथ रैली निकालना और लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर पार्टी का पक्ष सामने रखना था। आयोजन में जिले के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। सब कुछ सामान्य तरीके से आगे बढ़ रहा था, लेकिन अजय चंद्राकर के बैठने के अंदाज ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को जन्म दे दिया।
बताया गया कि अजय चंद्राकर कार्यक्रम के मुख्य वक्ता थे। इसके बावजूद उन्होंने मंच पर बैठने के बजाय आम कार्यकर्ताओं के बीच नीचे बैठकर कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान जिले के प्रभारी एवं कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा ने उन्हें मंच पर आने के लिए आमंत्रित किया। हालांकि, चंद्राकर अपनी जगह पर ही बैठे रहे और मंच पर जाने से परहेज किया।
कार्यक्रम के दौरान उनके संबोधन में भी कुछ ऐसे मुद्दे सामने आए, जिन्होंने लोगों का ध्यान खींचा। चंद्राकर ने नेताओं के स्वागत और सत्कार की परंपरा पर आपत्ति जताई। उन्होंने अहिवारा के दिवंगत विधायक को याद करते हुए कार्यक्रम में मौजूद लोगों से उन्हें श्रद्धांजलि देने की अपील भी की। उनके इस रुख को लेकर आयोजन के दौरान अलग-अलग तरह की चर्चाएं होती रहीं।
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब मीडिया ने अजय चंद्राकर से उनके व्यवहार और कथित नाराजगी को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने नाराज होने की बात से इनकार कर दिया। कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा ने भी किसी तरह की नाराजगी होने की बात नहीं मानी।
हालांकि, दोनों नेताओं की ओर से सफाई दिए जाने के बावजूद धमतरी के इस आयोजन की चर्चा अब राजनीतिक हलकों में हो रही है। सवाल यही है कि मुख्य वक्ता होने के बाद भी अजय चंद्राकर ने मंच से दूरी क्यों बनाए रखी? क्या यह महज उनका व्यक्तिगत अंदाज था या फिर पार्टी के भीतर किसी बात को लेकर कोई संदेश देने की कोशिश? फिलहाल, इन सवालों पर स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन कार्यक्रम में उनके तेवर जरूर सुर्खियों में आ गए हैं।

