मध्यप्रदेश प्रशासनिक पुनर्गठन आयोग के प्रावधानों के परिवर्तन को मंजूरी, अब ये है अध्यक्ष, सदस्य बनने के लिए योग्यता, मोहन कैबिनेट में मुहर
Tuesday, Feb 24, 2026-05:04 PM (IST)
(भोपाल): मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को विधानसभा के समिति कक्ष वंदे-मातरम गान के साथ शुरू हुई। इस बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। इन निर्णयों में एक अहम फैसला मध्यप्रदेश प्रशासनिक पुनर्गठन आयोग के प्रावधानों के परिवर्तन की स्वीकृति देना है।
मध्यप्रदेश प्रशासनिक पुनर्गठन आयोग के प्रावधानों के परिवर्तन की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश राजपत्र असाधारण में 12 मार्च 2024 को प्रकाशित मध्यप्रदेश प्रशासनिक ईकाई पुनर्गठन आयोग संबंधी निर्देश में वर्तमान के स्थान पर नवीन संशोधन अनुसार परिवर्तन की स्वीकृति प्रदान की गयी। संशोधन अनुसार मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग का अध्यक्ष पर्याप्त प्रशासनिक अनुभव/योग्यता धारित करने वाला व्यक्ति होगा। आयोग के अध्यक्ष को राज्य सरकार के प्रमुख सचिव के समकक्ष वेतनमान और उस पर समय-समय पर मंहगाई भत्ते और अन्य भत्ते देय होंगे। आयोग के अध्यक्ष पद पर राज्य सरकार के सेवानिवृत अधिकारी नियुक्त होने की स्थिति में उन्हें सेवानिवृत्ति के समय देय मूल वेतन एवं मंहगाई भत्ते से सारांशीकरण के पूर्व की पेंशन घटाई जाकर शेष राशि वेतन/मानदेय के रूप में देय होगी और उस पर समय-समय पर मंहगाई भत्ता देय होगा। अन्य भत्ते 12 मार्च 2024 की अधिसूचना के प्रावधान अनुसार पूर्ववत रहेंगे।
केन्द्र या राज्य शासन में कम से कम 20 वर्ष की शासकीय सेवा पूर्ण कर चुके तथा राज्य सरकार में सचिव या उच्चतर पद से सेवानिवृत्त शासकीय सेवक को आयोग में दो सदस्यों के रूप में नियुक्त किया जायेगा। आयोग के सदस्यों को राज्य सरकार से सेवानिवृत्ति के समय देय मूल वेतन एवं मंहगाई भत्ते में से सारांशीकरण के पूर्व की पेंशन (राहत सहित) को घटाई जाकर शेष राशि वेतन/ मानदेय के रूप में देय होगी और उस पर समय-समय पर देय मंहगाई भत्ता एवं अन्य भत्ते 12 मार्च 2024 के अधिसूचना के प्रावधान अनुसार पूर्ववत रहेंगे।
आयोग में सचिव/ प्रशासनिक अधिकारी का एक पद होगा। सचिव/अपर सचिव स्तर से सेवानिवृत्त शासकीय सेवक को आयोग का सचिव/प्रशासनिक अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। सचिव/ प्रशासनिक अधिकारी को राज्य सरकार से सेवानिवृत्ति के समय देय वेतनमान और उस पर समय-समय पर देय महंगाई भत्ता देय होंगे। इनमें से उन्हें प्राप्त हो रही पेंशन सारांशीकरण के पूर्व घटाई जायेगी। अन्य भत्तें 12 मार्च 2024 के अधिसूचना के प्रावधान अनुसार पूर्ववत रहेंगे।
खनिज अन्वेषण एवं विकास हेतु भवन निर्माण के लिए 34 करोड़ 2 लाख रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा खनिज साधन विभाग के अंतर्गत बजट योजना खनिज अन्वेषण एवं विकास के लिए भवन निर्माण" को निरंतर रखे जाने की स्वीकृति दी गई। योजना खनिज साधन विभाग के अंतर्गत पूर्व से संचालित योजना है, योजनांतर्गत संचालनालय के नवीन भवन निर्माण कार्य पर 34 करोड़ 2 लाख रूपये का व्यय संभावित है। वित्तीय व्यय समिति द्वारा विभागीय प्रस्ताव अनुसार 34 करोड़ 2 लाख रूपये के व्यय का अनुमोदन प्रदान किया गया।
नवीन भवन के निर्माण होने से डी. एम. एफ मॉनिटरिंग यूनिट, आई.टी. शाखा, स्टेट कमाण्ड सेंटर आदि के कार्य सुचारू रूप से संपादित हो सकेंगे। भवन में इसके अतिरिक्त रासायनिक प्रयोगशाला, जी.आई.एस लैब और कोल पी.एम.यू. स्थापित किये जायेंगे।
"जिला माईनिंग फण्ड" को वर्ष 2030-31 तक निरंतरता की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा खनिज साधन विभाग के अंतर्गत "जिला माईनिंग फण्ड" को निरंतर रखे जाने की स्वीकृति दी गई। यह योजना खनिज साधन विभाग के अंतर्गत पूर्व से संचालित है, इस योजना के अंतर्गत जिला खनिज प्रतिष्ठान के अंतर्गत प्राप्त राशि राज्य की संचित निधि में जमा होने के उपरांत बजट प्रावधान के तहत पुनः जिले को अंतरित कर दी जाती है। इस राशि का उपयोग मध्यप्रदेश जिला खनिज प्रतिष्ठान नियम 2016 में खनन प्रभावित क्षेत्रों में प्रावधानित विकास कार्यों के लिए किया जाता है।

