सुशासन की मिसाल: लकवाग्रस्त वन कर्मी घर नहीं आ सके तो प्रशासन खुद पहुंचा, घर पर सौंपा पेंशन आदेश

Saturday, Jan 31, 2026-03:44 PM (IST)

जगदलपुर: बस्तर जिला प्रशासन ने शुक्रवार को सुशासन के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं की एक ऐसी मिसाल पेश की, जिसने सभी का दिल जीत लिया। कलेक्टोरेट के आस्था कक्ष में जहां एक ओर 16 सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों का विदाई समारोह चल रहा था, वहीं प्रशासन की चिंता उस एक कर्मचारी के लिए भी थी जो अपनी शारीरिक विवशता के कारण इस सम्मान समारोह में उपस्थित नहीं हो सके।

वन विभाग में कार्यरत दिलराज दास के लिए आज का दिन उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव था, लेकिन दुर्भाग्यवश सेवानिवृत्ति से कुछ ही दिन पूर्व उन्हें लकवा (पैरालिसिस) का आघात लगा। इस अस्वस्थता के कारण वे चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ हो गए। श्री दास की प्रबल इच्छा थी कि वे कलेक्टोरेट में आयोजित अपने विदाई समारोह में शामिल हों और साथियों के साथ इस पल को साझा करें, किंतु खराब स्वास्थ्य ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया।

जब यह विषय कलेक्टर आकाश छिकारा के संज्ञान में आया, तो उन्होंने तत्काल संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक अनुकरणीय निर्णय लिया। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि कर्मचारी अस्वस्थता के कारण प्रशासन तक नहीं आ सकता, तो प्रशासन उनके द्वार तक जाएगा। उन्होंने वरिष्ठ कोषालय अधिकारी  अनिल कुमार पाठक को निर्देशित किया कि वे स्वयं  दिलराज दास के निवास पर जाएं और उन्हें सम्मानपूर्वक उनके सभी भुगतान आदेश सौंपें।

कलेक्टर के निर्देश का तत्परता से पालन करते हुए वरिष्ठ कोषालय अधिकारी अनिल कुमार पाठक  दिलराज दास के घर पहुंचे। वहां उन्होंने अस्वस्थ  दास का हाल-चाल जाना और उन्हें घर पर ही पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) सहित अन्य सभी स्वत्वों के भुगतान आदेश सौंपे। प्रशासन द्वारा घर आकर दी गई इस राहत और सम्मान से  दास और उनके परिजन बेहद भावुक नजर आए। इस पहल ने यह साबित कर दिया कि बस्तर जिला प्रशासन अपने हर कर्मचारी के सुख-दुख में पूरी जिम्मेदारी और आत्मीयता के साथ खड़ा है।

इस अवसर पर सहायक कोषालय अधिकारी ममता ध्रुव सहित कोषालय के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।


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Content Editor

Himansh sharma

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