पहले लोग बिना बिजली के भी जीवन यापन कर लेते थे, लेकिन अब बिना बिजली के जीवन की कल्पना नहीं: CM

4/16/2023 12:20:41 PM

रायपुर (सतेंद्र शर्मा): छत्तीसगढ़ जीरो पॉवर कट प्रदेश है और बिजली बिल हाफ योजना से लोगों को बड़ी राहत मिली है। हमारी सरकार द्वारा बिजली बिल हाफ योजना के माध्यम से अब तक 42 लाख उपभोक्ताओं को 3236 करोड़ रूपए की छूट दी गई है। वर्ष 2018 में जहां पीक ऑवर में 4100 मेगावाट विद्युत की खपत थी। 2023 में यह मांग बढ़कर 5100 मेगावाट होने पर भी प्रदेश में लगातार बिजली आपूर्ति निर्बाध गति से चल रही है। यह बातें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (bhupesh baghel) ने आज रायपुर में आयोजित प्रदेश स्तरीय पावर इंजीनियर्स कॉन्क्लेव 2023 (Power Engineers Conclave 2023) को संबोधित करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ पावर कम्पनीज (Chhattisgarh State Power Generation Company Limited) के अधिकारी-कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा (Cashless Health Scheme) जल्द लागू करने तथा छत्तीसगढ़ पावर कम्पनीज के अभियंता संवर्ग को 3 प्रतिशत तकनीकी भत्ता दिए जाने की घोषणा की।  

बिजली के बिना जीवन की कल्पना नहीं: भूपेश बघेल 

मुख्यमंत्री ने इस दौरान छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल अभियंता संघ (CGVAMS) के कार्यालय का वर्चुअल लोकार्पण तथा पॉवर सेक्टर की महत्वपूर्ण जानकारियों पर आधारित स्मारिका का विमोचन भी किया। कॉनक्लेव के प्रारंभ में मुख्यमंत्री बघेल ने छत्तीसगढ़ महतारी और भारत रत्न एम. विश्वेश्वरैया के छायाचित्र पर दीप प्रज्जवलित कर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री बघेल ने कॉनक्लेव को संबोधित करते हुए कहा कि पहले लोग बिना बिजली के भी जीवन यापन कर लेते थे, किंतु अब बिना बिजली के जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है। बिजली विलासिता का साधन नहीं, बल्कि आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने आगे कहा कि राज्य स्थापना के समय 300 यूनिट प्रति व्यक्ति बिजली की खपत थी, जो अब बढ़कर 2000 यूनिट प्रति व्यक्ति हो चुका है। लगातार बढ़ती हुई विद्युत खपत और उसी के अनुरूप आपूर्ति राज्य के विकास का सूचक है। 

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ग्रीन एनर्जी को लेकर सीएम ने बोली ये बात 

उन्होंने शासन के महत्वपूर्ण निर्णय का जिक्र करते हुए कहा कि कोरबा में 1320 मेगावाट की सुपर क्रिटिकल यूनिट की स्वीकृति दी गई है। जो प्रदेश को जीरो पावर कट स्टेट बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण को दृष्टिगत ग्रीन एनर्जी (green energy) को वर्तमान समय की आवश्यकता बताया और कहा कि कोरोना की दूसरी लहर में हम सभी ने ऑक्सीजन के महत्व को भी समझा है। छत्तीसगढ़ में ग्रीन एनर्जी की संभावनाओं पर भी कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में 5 हाईड्रल प्लांट (hydrogen plant) लगाए जा सकते हैं, जिससे विद्युत उत्पादन के लिए थर्मल पावर प्लांट पर निर्भरता कम की जा सकती है। 

सीएम का गर्मजोशी से स्वागत 

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विद्युत मण्डल अभियंता संघ को सर्वसुविधायुक्त कार्यालय मिलने पर बधाई दी। विद्युत मण्डल अभियंता संघ ने मुख्यमंत्री को इस अवसर पर स्मृति चिन्ह और शॉल, श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। कॉन्क्लेव को ऊर्जा विभाग के सचिव और छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज के अध्यक्ष अंकित आनंद, राज्य विद्युत विनियामक आयोग के अध्यक्ष हेमंत वर्मा ने भी सम्बोधित किया। छत्तीसगढ़ विद्युत मण्डल अभियंता संघ के अध्यक्ष राजेश पाण्डेय ने स्वागत भाषण का वाचन किया। 

इस अवसर पर संसदीय सचिव विकास उपाध्याय, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (Chhattisgarh State Power Transmission Company Limited) की प्रबंध निदेशक उज्ज्वला बघेल, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) के प्रबंध निदेशक मनोज खरे, छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संजीव कटियार सहित अभियंता संघ के पदाधिकारीगण और प्रदेश भर से आये विद्युत अभियंता उपस्थित थे।


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Content Writer

Vikas Tiwari

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