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लाडली बहनों का इंतजार खत्म? जानिए किस दिन आएंगे रुपये और नए रजिस्ट्रेशन पर क्या है अपडेट

Thursday, Jun 11, 2026-01:14 PM (IST)

भोपाल। मध्य प्रदेश की करोड़ों महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना की 37वीं किस्त का इंतजार अब अंतिम दौर में पहुंच गया है। हर महीने मिलने वाली आर्थिक सहायता के तहत इस बार भी लाभार्थी महिलाओं के खातों में 1500 रुपये जमा किए जाने हैं, लेकिन जून की किस्त को लेकर अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया है।सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की व्यस्तताओं के चलते इस बार किस्त जारी होने में कुछ दिनों की देरी हो सकती है। माना जा रहा है कि 15 जून के आसपास महिलाओं के खातों में राशि ट्रांसफर की जा सकती है। हालांकि सरकार ने अभी तक तारीख को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है।

2 साल में महिलाओं के खातों में पहुंचे 47 हजार करोड़ से ज्यादा

लाडली बहना योजना प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की सबसे बड़ी योजनाओं में से एक बन चुकी है। शुरुआत में महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये दिए जाते थे, जिसे बाद में बढ़ाकर 1250 रुपये किया गया। इसके बाद राज्य सरकार ने राशि बढ़ाकर 1500 रुपये प्रतिमाह कर दी। जनवरी 2024 से मई 2026 तक सरकार योजना के तहत 47,775 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में भेज चुकी है।

नए आवेदन अभी भी बंद, लाखों महिलाएं कर रही इंतजार

योजना में शामिल होने की इच्छा रखने वाली महिलाओं के लिए फिलहाल कोई राहत नहीं है। सरकार ने वर्ष 2023 के बाद से नए पंजीयन शुरू नहीं किए हैं और अभी तक आवेदन प्रक्रिया दोबारा शुरू करने को लेकर कोई संकेत नहीं मिला है। ऐसे में नई पात्र महिलाओं को अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।

e-KYC नहीं कराया तो अटक सकती है किस्त

योजना का लाभ लगातार मिलता रहे, इसके लिए लाभार्थियों को e-KYC करवाना जरूरी है। जिन महिलाओं का भुगतान रुका हुआ है, वे समग्र पोर्टल पर जाकर आधार के माध्यम से e-KYC प्रक्रिया पूरी कर सकती हैं। समय रहते यह प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर आगामी किस्त मिलने में परेशानी हो सकती है।

जल्द हो सकता है बड़ा ऐलान

राज्य की 1.25 करोड़ से अधिक लाडली बहनें अब सरकार के आधिकारिक ऐलान का इंतजार कर रही हैं। माना जा रहा है कि अगले एक-दो दिनों में 37वीं किस्त की तारीख को लेकर स्थिति साफ हो सकती है। तब तक महिलाओं की निगाहें सरकार की घोषणा पर टिकी हुई हैं।


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Content Editor

Himansh sharma

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