100 और 500 रुपये के नोटों को लेकर बड़ी खबर: RBI ने किए कई बदलाव, जानें डिटेल में
Friday, Feb 13, 2026-05:48 PM (IST)
एमपी डेस्क: देश में सबसे अधिक उपयोग होने वाली करेंसी 100 और 500 रुपये के नोट को और अधिक सुरक्षित एवं टिकाऊ बनाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 2026 के लिए महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया है। डिजिटल भुगतान के बढ़ते चलन के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों, छोटे व्यापारियों और परिवहन सेक्टर में नकदी की मजबूत मांग को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। इस अपडेट का मुख्य उद्देश्य जाली नोटों पर रोक लगाना और नोटों की भौतिक आयु (Life Line) बढ़ाना है, ताकि बार-बार छपाई और वितरण पर होने वाला खर्च कम किया जा सके।
क्यों जरूरी हुआ बदलाव?
आरबीआई के अनुसार 100 और 500 रुपये के नोट देश में सबसे अधिक सर्कुलेशन में रहते हैं। लगातार लेन-देन और बार-बार मोड़े जाने के कारण ये जल्दी खराब हो जाते हैं। इससे न केवल बैंकों पर दबाव बढ़ता है, बल्कि नई छपाई और लॉजिस्टिक्स की लागत भी बढ़ जाती है।
खासतौर पर 500 रुपये का नोट, अधिक मूल्य का होने के कारण जालसाजों के निशाने पर रहता है। इसी को ध्यान में रखते हुए महात्मा गांधी नई सीरीज के नोटों में वॉटरमार्क, माइक्रो-प्रिंटिंग और स्याही की गुणवत्ता को पहले से अधिक उन्नत किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय बैंकों द्वारा समय-समय पर सुरक्षा फीचर्स अपडेट करना एक वैश्विक प्रक्रिया है।
100 रुपये के नोट में क्या बदलाव?
100 रुपये के नोट के मूल डिजाइन में कोई बड़ा परिवर्तन नहीं किया गया है। फोकस इसकी मजबूती और स्पष्टता पर रखा गया है।
- छपाई का कंट्रास्ट बेहतर किया गया है
- स्याही को अधिक टिकाऊ बनाया गया है
- वॉटरमार्क और सुरक्षा धागे (Security Thread) को अधिक स्पष्ट किया गया है
इन बदलावों से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में आम लोगों के लिए असली और नकली नोट की पहचान आसान होगी। साथ ही नोट की उम्र बढ़ने से बार-बार बदलने की आवश्यकता कम होगी।
500 रुपये के नोट में नई सुरक्षा परतें
500 रुपये का नोट चिकित्सा, शिक्षा और थोक व्यापार जैसे बड़े भुगतानों में व्यापक रूप से उपयोग होता है। इसलिए इसकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रही है।
- रंगों की एकरूपता (Color Consistency) को बेहतर किया गया है
- माइक्रो-प्रिंटिंग को और अधिक शार्प बनाया गया है
- सुरक्षा तत्वों की नक़ल करना लगभग असंभव बनाने की कोशिश की गई है
हालांकि, नोट का आकार, लेआउट और मूल डिजाइन पहले जैसा ही रहेगा। बैंक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सभी एटीएम और कैश मशीनें इन नए नोटों को स्वीकार करने में सक्षम होंगी।
क्या पुराने नोट बंद हो जाएंगे?
- सबसे अहम सवाल यही है। आरबीआई ने साफ किया है कि मौजूदा 100 और 500 रुपये के नोट पूरी तरह वैध रहेंगे।
- नए फीचर्स वाले नोट धीरे-धीरे सिस्टम में शामिल किए जाएंगे, जबकि पुराने नोट अपनी सामान्य प्रक्रिया के तहत प्रचलन में बने रहेंगे।
- यात्रियों और व्यापारियों को अपनी नकदी बदलवाने की कोई जरूरत नहीं है। यह बदलाव केवल सुरक्षा और टिकाऊपन बढ़ाने के लिए किया गया है, न कि नोटबंदी जैसा कोई कदम उठाया गया है।
इस कदम के जरिए आरबीआई नकदी आधारित अर्थव्यवस्था के उन वर्गों को ध्यान में रख रहा है, जहां आज भी नकद लेन-देन प्रमुख माध्यम है। बदलते दौर में डिजिटल और फिजिकल दोनों व्यवस्थाओं के संतुलन को बनाए रखना ही इस अपडेट का मुख्य उद्देश्य है।

