UGC के नए नियमों से नाराज सवर्ण समाज के लिए बड़ी खबर, उच्च शिक्षा विभाग ने जारी किए आदेश

Tuesday, Feb 03, 2026-01:19 PM (IST)

भोपाल: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की नए नियमों को लेकर विरोध कर रहे सवर्ण समाज के लिए एक राहत भरी खबर आई है। यूजीसी के नए नियमों पर उपजे विवाद और सुप्रीम कोर्ट द्वारा उस पर रोक लगाए जाने के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने आदेश जारी किए हैं कि फिलहाल पुरानी गाइडलाइन ही प्रभावी रहेगी और आगामी निर्देश तक पुरानी व्यवस्था के तहत ही काम किया जाएगा।

विभाग ने यह भी निर्देश दिए हैं कि छात्रों की शिकायतों के निवारण के लिए UGC विनियम, 2023 को सख्ती से लागू कराया जाए, ताकि विद्यार्थियों को समयबद्ध और प्रभावी न्याय मिल सके।

नियमों के पालन में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

उच्च शिक्षा विभाग ने मध्यप्रदेश के सभी शासकीय और अशासकीय विश्वविद्यालयों, निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग तथा संबद्ध कॉलेजों को नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। विभाग का कहना है कि अधिकांश संस्थानों में लोकपाल की नियुक्ति तो कर दी गई है, लेकिन UGC 2023 के प्रावधानों के अनुरूप अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है।

इसके चलते छात्रों की शिकायतें लंबे समय तक लंबित रहती हैं और उन्हें समय पर न्याय नहीं मिल पाता। विभाग ने साफ किया है कि अब इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

क्या है नियम

यूजीसी ने 13 जनवरी को 'Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations 2026' के नाम से एक नया नियम लागू किया था। जिसका सवर्ण समाज ने जमकर विरोध किया था। यूजीसी के मुताबिक, नए नियम की जरूरत एससी, एसटी और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों के साथ होने वाले जातिगत भेदभाव को रोकना और उस पर निगरानी रखना है। नए Equity Rule के तहत सभी यूनिवर्सिटी, कॉलेज और उच्च शिक्षण संस्थानों को परिसर में 24x7 हेल्पलाइन,  Equal Opportunity Centre, Equity Squads और Equity Committee का गठन करना होगा। अगर कोई भी संस्थान इन नियमों का पालन नहीं करता है तो UGC उनकी मान्यता रद्द करने या फंड रोकने जैसी कार्रवाई कर सकता है। हालांकि यूजीसी के नए नियमों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सवर्ण समाज को राहत देते हुए रोक लगा दी थी।


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meena

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