भाजपा छोड़ने को तैयार बैठे हैं कई नेता? इस्तीफा देकर कांग्रेस में आए दिग्गज के बयान से सियासी हलचल तेज!
Sunday, Oct 18, 2026-12:30 PM (IST)
छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश की सियासत में छिंदवाड़ा से भाजपा को बड़ा झटका लगने के बाद अब एक और सियासी हलचल तेज हो गई है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित सक्सेना ने भाजपा से इस्तीफा देकर करीब 50 कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस का दामन थाम लिया है। पूर्व सांसद नकुलनाथ की मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल हुए अमित सक्सेना ने भाजपा को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले दिनों में भाजपा के और भी नेता कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं।
'अभी देखना, भाजपा से कितने लोग कांग्रेस में आते हैं'
कांग्रेस में शामिल होने के बाद अमित सक्सेना ने भाजपा छोड़ने की वजह बताते हुए पार्टी में अपमान होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भाजपा से और भी लोग कांग्रेस में आ सकते हैं। उनका बयान, 'अभी तो देखना, कितने लोग भाजपा से कांग्रेस में आते हैं', अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
अमित सक्सेना के इस दावे के बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या छिंदवाड़ा में भाजपा छोड़ने का यह घटनाक्रम आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति में किसी बड़े बदलाव का संकेत है? हालांकि, फिलहाल भाजपा के अन्य नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने की कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

एक दिन पहले भाजपा छोड़कर कांग्रेस में आए अमित सक्सेना
अमित सक्सेना ने हाल ही में भाजपा की प्राथमिक और सक्रिय सदस्यता से इस्तीफा दिया था। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस में वापसी का फैसला किया। पूर्व सांसद नकुलनाथ की मौजूदगी में राजीव भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने करीब 50 कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की।
कांग्रेस में वापसी के दौरान अमित सक्सेना ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने उनकी काफी मदद की है। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव के दौरान अमित सक्सेना कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। अब भाजपा से इस्तीफा देने के बाद उनकी कांग्रेस में वापसी ने छिंदवाड़ा की राजनीति में नए समीकरणों को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
किसानों के मुद्दों पर भाजपा संगठन से बढ़ी थी तल्खी
अमित सक्सेना और भाजपा संगठन के बीच मतभेद की प्रमुख वजह किसानों से जुड़े मुद्दों को माना जा रहा है। उन्होंने छिंदवाड़ा और पांढुर्णा को सूखाग्रस्त घोषित करने, किसानों को चार गुना मुआवजा देने, सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने और चौसरा में प्रस्तावित न्यूक्लियर प्लांट का काम रोकने जैसी मांगें उठाई थीं। इन्हीं मुद्दों को लेकर उनकी संगठन से तल्खी सामने आई थी। इसके बाद उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। बाद में उन्होंने भाजपा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।

