MP में आखिर किसने चिपकाए 'कमलनाथ लापता' के पोस्टर? मच गया सियासी बवाल
Monday, Jun 29, 2026-03:38 PM (IST)
छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर छिंदवाड़ा सुर्खियों में है। इस बार वजह बने हैं पूर्व मुख्यमंत्री और छिंदवाड़ा विधायक कमलनाथ के खिलाफ लगाए गए पोस्टर। विधानसभा क्षेत्र के दूरस्थ ग्राम जैतपुर में दीवारों पर चस्पा किए गए पोस्टरों में कमलनाथ को लापता विधायक बताते हुए क्षेत्र की पेयजल समस्या और जनसरोकारों की अनदेखी करने का आरोप लगाया गया है। पोस्टर सामने आते ही जिले का सियासी माहौल गरमा गया और भाजपा तथा कांग्रेस आमने-सामने आ गए।
भाजपा का आरोप है कि बारिश की कमी के चलते ग्रामीण इलाकों में पेयजल संकट गहराता जा रहा है, लेकिन स्थानीय विधायक होने के बावजूद कमलनाथ जनता की समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय दिखाई नहीं दे रहे। पार्टी नेताओं का कहना है कि जैतपुर समेत कई गांवों में लोग पानी जैसी मूलभूत सुविधा के लिए परेशान हैं और पोस्टरों के जरिए स्थानीय लोगों की नाराजगी सामने आई है।

वहीं कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पूरे घटनाक्रम को गंदा राजनीतिक स्टंट बताया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि कमलनाथ लगातार अपने विधानसभा क्षेत्र से जुड़े हुए हैं और विकास कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। उनके अनुसार, चुनावी माहौल बनने से पहले इस तरह के पोस्टर लगाकर भाजपा केवल राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि छिंदवाड़ा हमेशा से मध्य प्रदेश की सबसे चर्चित राजनीतिक सीटों में रही है, जहां भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिलता है। ऐसे में पोस्टर वार को आगामी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके जरिए दोनों दल जनता के बीच अपनी-अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
फिलहाल, जैतपुर में लगे इन पोस्टरों ने केवल स्थानीय राजनीति ही नहीं, बल्कि प्रदेश की सियासत में भी नई बहस छेड़ दी है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यह पोस्टर विवाद आने वाले दिनों में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रहता है या चुनावी माहौल में बड़ा मुद्दा बनकर उभरता है।

