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जीतू पटवारी के वेयरहाउस पर नोटिस से मचा सियासी बवाल, बोले- गोदाम खाली कर दो, बेइज्जती बर्दाश्त नहीं

Monday, Jun 22, 2026-01:01 PM (IST)

इंदौर। (सचिन बहरानी): मध्य प्रदेश की राजनीति में एक नया विवाद तेजी से चर्चा का विषय बन गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के वेयरहाउसों पर हुई जांच और उसके बाद जारी नोटिसों ने राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है। मामला अब केवल गोदामों की व्यवस्थाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी का कारण बन गया है।दरअसल, मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष संजय नागायच ने इंदौर जिले के सांवेर क्षेत्र स्थित कुछ गोदामों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा और रखरखाव से जुड़े कई बिंदुओं पर सवाल उठाए गए। निगम की ओर से संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई और नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

नोटिस की जानकारी सामने आने के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने निगम के अधिकारियों से कहा कि यदि उनके वेयरहाउसों को लेकर इतनी आपत्तियां हैं तो वहां रखा सरकारी स्टॉक हटाकर गोदाम खाली कर दिए जाएं। पटवारी का कहना है कि एक ओर किराए के भुगतान में देरी होती है, वहीं दूसरी ओर उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने इसे अपमानजनक बताते हुए ऐसे व्यवहार पर नाराजगी जताई।

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सूत्रों के अनुसार, पटवारी ने निगम के वरिष्ठ अधिकारियों से सीधे बातचीत कर अपना पक्ष भी रखा। उनका दावा है कि गोदामों में रखा सामान पूरी तरह सुरक्षित है और किसी प्रकार की क्षति नहीं हुई है। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन को व्यवस्थाओं पर आपत्ति है तो वैकल्पिक व्यवस्था कर ली जाए।

दूसरी ओर, निगम अध्यक्ष संजय नागायच ने भी पलटवार करते हुए कहा कि नियमों का पालन सभी के लिए समान रूप से आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निरीक्षण के दौरान जो कमियां सामने आई हैं, उन्हें दूर करना संबंधित संचालकों की जिम्मेदारी है। नागायच ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में सुधार नहीं किया गया तो नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें गोदामों की पात्रता समाप्त करने तक का कदम शामिल है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह विवाद आने वाले दिनों में और गहरा सकता है। विपक्ष इसे प्रशासनिक दबाव की कार्रवाई बता रहा है, जबकि सत्ता पक्ष इसे नियमों के पालन से जुड़ा सामान्य प्रशासनिक कदम बता रहा है। ऐसे में वेयरहाउस निरीक्षण से शुरू हुआ यह मामला अब प्रदेश की सियासत में नए आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र बन चुका है। फिलहाल सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि संबंधित विभाग आगे क्या निर्णय लेता है और दोनों पक्षों के बीच बढ़ा यह टकराव किस दिशा में जाता है।


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Content Editor

Himansh sharma

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