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BJP में बवाल! मंडल भंग करने पर विधानसभा अध्यक्ष के सामने पदाधिकारियों की नाराजगी, बोले- ‘गलती नहीं तो कार्रवाई क्यों?

Monday, Aug 10, 2026-01:20 PM (IST)

राजनांदगांव। डोंगरगढ़ भाजपा में संगठनात्मक फैसले को लेकर नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है। डोंगरगढ़ मंडल को भंग किए जाने के विरोध में मंडल के अध्यक्ष, जनप्रतिनिधियों समेत बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से मिलने पहुंचे। मुलाकात के दौरान पदाधिकारियों ने सीधे सवाल उठाया कि यदि मंडल की ओर से कोई गलती नहीं हुई थी, तो उसे भंग करने का फैसला क्यों लिया गया? जानकारी के मुताबिक, रविवार शाम करीब 5 बजे डोंगरगढ़ मंडल अध्यक्ष जसमीत बन्नोआना, नगर पालिका अध्यक्ष रमन डोंगरे, उपाध्यक्ष, पार्षदों, मंडल पदाधिकारियों और विभिन्न मोर्चों के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में लोग स्पीकर हाउस पहुंचे। प्रतिनिधिमंडल ने डॉ. रमन सिंह के सामने मंडल को भंग किए जाने से जुड़ी अपनी आपत्तियां और संगठन से जुड़ा पक्ष रखा।

मंडल को विश्वास में क्यों नहीं लिया?

पदाधिकारियों का कहना था कि डोंगरगढ़ भाजपा में चल रहे अंदरूनी विवाद के बाद संगठन ने पांच लोगों के खिलाफ निष्कासन की कार्रवाई की। लेकिन इसी घटनाक्रम के बीच मंडल की भूमिका पर कोई स्पष्ट आरोप या गलती सामने नहीं आने के बावजूद पूरे मंडल को भंग कर दिया गया।

कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाया कि संगठनात्मक कार्रवाई से पहले मंडल के पदाधिकारियों को विश्वास में क्यों नहीं लिया गया। उनका कहना था कि यदि व्यक्तिगत स्तर पर विवाद या अनुशासनहीनता हुई थी, तो उसकी कार्रवाई संबंधित लोगों तक सीमित रहनी चाहिए थी।

प्रतिनिधिमंडल ने डॉ. रमन सिंह से डोंगरगढ़ मंडल को दोबारा बहाल करने की मांग रखी। बड़ी संख्या में पदाधिकारियों के पहुंचने से यह साफ है कि मामला अब केवल संगठनात्मक आदेश तक सीमित नहीं रहा, बल्कि स्थानीय स्तर पर इसे लेकर असंतोष गहराता जा रहा है।

रमन सिंह ने दिया भरोसा

बताया जा रहा है कि डॉ. रमन सिंह ने डोंगरगढ़ से पहुंचे पदाधिकारियों की बात विस्तार से सुनी। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि डोंगरगढ़ के कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

उन्होंने संगठन के वरिष्ठ नेताओं अजय जमवाल और पवन साय से इस विषय पर चर्चा करने की बात कही। इसके लिए डोंगरगढ़ से करीब 10-15 लोगों की मौजूदगी में संगठन के सामने पूरा पक्ष रखने की बात भी सामने आई है। इसके बाद संगठन स्तर पर चर्चा कर आगे का निर्णय लिया जाएगा।

पहले निष्कासन, फिर मंडल भंग - अब संगठन पर नजर

डोंगरगढ़ भाजपा में यह विवाद अचानक खड़ा नहीं हुआ है। पिछले कुछ समय से स्थानीय संगठन में अंदरूनी खींचतान और सोशल मीडिया पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा था। इसी क्रम में पांच नेताओं को पार्टी से निष्कासित किए जाने के बाद डोंगरगढ़ मंडल को भी भंग कर दिया गया।

अब मंडल के पदाधिकारियों के सामूहिक रूप से सामने आने और विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष अपनी बात रखने के बाद डोंगरगढ़ भाजपा का यह मामला एक बार फिर संगठन के केंद्र में आ गया है।फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि संगठन की आगामी बैठक में डोंगरगढ़ मंडल को लेकर क्या फैसला लिया जाता है.. मंडल की बहाली होती है या संगठन अपने पुराने निर्णय पर कायम रहता है।


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Content Editor

Himansh sharma

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