दतिया हार के बाद BJP में मचा राजनीतिक भूचाल! जिला संगठन भंग, अब बड़े एक्शन की चर्चा तेज, दिल्ली पहुंची रिपोर्ट
Wednesday, Aug 05, 2026-10:37 AM (IST)
भोपाल/दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में मिली हार ने भारतीय जनता पार्टी के संगठन को झकझोर दिया है। नतीजे आने के महज़ 48 घंटे के भीतर पार्टी ने ऐसा फैसला लिया, जिसे मध्य प्रदेश की राजनीति में बड़े संगठनात्मक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। जिलाध्यक्ष सहित जिले की पूरी संगठनात्मक कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है। इस कार्रवाई के साथ ही चुनावी हार के कारणों की विस्तृत रिपोर्ट भी केंद्रीय नेतृत्व को भेज दी गई है।
मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की मौजूदगी में हुई समीक्षा बैठक में चुनावी रणनीति, संगठन की भूमिका और मतदान के अंतिम दिनों की गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में मौजूद नेताओं ने कई गंभीर मुद्दे उठाए और दावा किया कि मतदान से ठीक पहले संगठन के भीतर समन्वय कमजोर पड़ गया, जिसका सीधा असर परिणाम पर दिखाई दिया।
सूत्रों के अनुसार समीक्षा के दौरान कुछ नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव के अंतिम चरण में पार्टी के भीतर अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। कुछ स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संगठन से जुड़े लोगों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए। यह भी चर्चा रही कि बूथ स्तर तक पहुंचने वाली चुनावी सामग्री और प्रचार व्यवस्था को लेकर कई स्थानों पर लापरवाही और असंतोष की स्थिति बनी रही।
बैठक में मतदान के आंकड़ों का भी विश्लेषण किया गया। बताया गया कि शहरी क्षेत्रों के दोनों प्रमुख मंडलों में पार्टी को अपेक्षित समर्थन नहीं मिला, जबकि ग्रामीण क्षेत्र के कई हिस्सों में भी प्रदर्शन उम्मीद के अनुरूप नहीं रहा। विशेष रूप से महिला मतदाताओं और पारंपरिक समर्थक वर्ग के मतदान प्रतिशत में आई कमी को लेकर भी गहन समीक्षा की गई। संगठन अब यह जानने में जुटा है कि जिन क्षेत्रों में मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद थी, वहां वोट प्रतिशत में गिरावट क्यों दर्ज हुई।
इधर, चुनावी हार की पड़ताल के लिए गठित दो सदस्यीय समिति ने पदाधिकारियों और स्थानीय नेताओं से फीडबैक लेने के बाद अपनी रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को सौंपी, जिसे देर शाम केंद्रीय नेतृत्व के पास भेज दिया गया। माना जा रहा है कि रिपोर्ट के आधार पर आगे भी संगठनात्मक स्तर पर कुछ और फैसले लिए जा सकते हैं।
इसी क्रम में प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने अनुशासन और संगठनात्मक जवाबदेही को आधार बनाते हुए दतिया जिले की पूरी संगठनात्मक इकाई भंग करने का आदेश जारी किया। इसके तहत जिलाध्यक्ष, जिला कार्यसमिति, मंडल, मोर्चा, प्रकोष्ठ, प्रकल्प और विभागों के सभी पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से दायित्वमुक्त कर दिया गया है।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि अब दतिया में नए सिरे से संगठन खड़ा करने की तैयारी शुरू हो गई है। नई जिला कार्यकारिणी के गठन के साथ बूथ स्तर तक संगठन को पुनर्गठित करने की योजना पर काम किया जाएगा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा ने इस फैसले के जरिए स्पष्ट संकेत दिया है कि चुनावी प्रदर्शन और संगठनात्मक अनुशासन को लेकर अब किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
सबसे ज्यादा पढ़े गए
Related News
दतिया हार के बाद बड़े एक्शन की तैयारी में BJP! जांच समिति गठित, रिपोर्ट के बाद हो सकते हैं अहम फैसले

