MP के इस शहर में होगी बड़ी कार्रवाई, 18 बीघा जमीन खाली कराने चलेगा बुलडोजर
Saturday, Jan 24, 2026-06:39 PM (IST)
उज्जैन। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच मध्य प्रदेश सरकार के दावों पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। उज्जैन के पवित्र सप्तसागर तालाब क्षेत्र में वर्षों से चले आ रहे अतिक्रमण और सीवेज समस्या को लेकर NGT ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। ट्रिब्यूनल ने साफ कर दिया है कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और 18 बीघा अतिक्रमित जमीन से कब्जे हटाने के निर्देश दे दिए गए हैं, जिससे शहर में बुलडोजर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
NGT ने उज्जैन कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूर्व में जारी आदेशों का न तो सही ढंग से पालन किया गया और न ही समय पर प्रगति रिपोर्ट व हलफनामा पेश किया गया। इसे गंभीर मानते हुए ट्रिब्यूनल ने मुख्य सचिव को सीधे हस्तक्षेप के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव को सौंपी जिम्मेदारी
ट्रिब्यूनल ने आदेश दिया है कि तालाबों से अतिक्रमण हटवाया जाए, सीवेज के प्रवाह को रोका जाए और जल गुणवत्ता में सुधार के लिए ठोस कार्रवाई हो। साथ ही पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव को पूरे मामले की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। शासन से दो सप्ताह में विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट मांगी गई है। मामले की अगली सुनवाई 20 फरवरी को होगी।
36 बीघा में फैले तालाब, आधी जमीन पर कब्जा
याचिकाकर्ताओं के अनुसार उज्जैन के सप्तसरोवर-रुद्रसागर, पुष्कर सागर, क्षीरसागर, गोवर्धन सागर, रत्नाकर सागर, विष्णु सागर और पुरुषोत्तम सागर का धार्मिक, ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व है। राजस्व रिकॉर्ड में खसरा नंबर 1281 पर दर्ज 36 बीघा भूमि में से 18 बीघा पर अतिक्रमण हो चुका है। अगस्त 2024 में गठित समिति की जांच में अतिक्रमण और तालाबों में सीवेज मिलने की पुष्टि भी हुई थी।
संदेश साफ—अब कार्रवाई होकर रहेगी
NGT ने दो टूक शब्दों में कहा है कि आदेशों के पालन में ईमानदारी की कमी को हल्के में नहीं लिया जाएगा। ऐसे में माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में उज्जैन के तालाब क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाओ अभियान और बुलडोजर एक्शन देखने को मिल सकता है।

