बंटी नागर आत्म*हत्या मामला : कारोबारी दबाव की चर्चा, दो महिला कारोबारियों से संपर्क की भी पड़ताल
Monday, Sep 28, 2026-01:56 PM (IST)
इंदौर (सचिन बहरानी): शहर के चर्चित रियल एस्टेट कारोबारी संदीप नागर उर्फ बंटी नागर की आत्महत्या के बाद अब पुलिस के सामने इसकी वजह तलाशना सबसे बड़ी चुनौती है। शुरुआती जांच में आत्महत्या की पुष्टि की बात सामने आई है, लेकिन इसके पीछे वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। पुलिस ने मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और घटनाक्रम से पहले के संपर्कों तथा कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।
इधर रियल एस्टेट और कारोबारी क्षेत्र में अलग-अलग चर्चाएं सामने आ रही हैं। सूत्रों के अनुसार, बंटी नागर पर कारोबारी दबाव होने की बात कही जा रही है। इसी कड़ी में दो महिला कारोबारियों से उनके सीधे कारोबारी संपर्क की चर्चा भी है। इनमें एक कारोबारी का संबंध अजमेरा और दूसरी का अग्रवाल परिवार से बताया जा रहा है। हालांकि, इन दोनों में से किसी महिला की भूमिका, दबाव या विवाद को लेकर फिलहाल पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू बंटी नागर के पुराने और वर्तमान कारोबारी सफर से भी जुड़ा बताया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि एक समय आर्थिक संकट के दौर से गुजरने के बाद उन्होंने बाजार में अपने लेन-देन का निपटारा बेहद कम अनुपात में किया था। इसके बाद धीरे-धीरे कारोबार को फिर खड़ा किया और हाल के वर्षों में उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होने की बात कारोबारी हलकों में कही जाती रही।
यही वजह है कि पुलिस अब यह समझने का प्रयास कर रही है कि आर्थिक स्थिति मजबूत होने के बावजूद ऐसा कौन-सा घटनाक्रम सामने आया, जिसने उन्हें इतना बड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर किया। पुलिस के लिए मोबाइल की कॉल डिटेल, हाल के संदेश, कारोबारी लेन-देन, बैंकिंग गतिविधियां, मुलाकातों और पारिवारिक परिस्थितियां महत्वपूर्ण कड़ियां बन सकती हैं। घटना से पहले उनसे कौन मिला, किन लोगों से लगातार बातचीत हुई और क्या किसी कारोबारी विवाद को लेकर तनाव चल रहा था इन सवालों के जवाब जांच की दिशा तय कर सकते हैं।
फिलहाल पुलिस किसी एक कारण को आत्महत्या की वजह मानकर नहीं चल रही है। आधिकारिक तौर पर कारण सामने आने तक महिला कारोबारियों से जुड़े आरोपों को केवल जांच के संभावित एंगल और बाजार में चल रही चर्चाओं के रूप में ही देखा जाना चाहिए। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बंटी नागर के इस कदम के पीछे वास्तविक वजह क्या थी।

