क्लाइमेट चेंज पर सीएम मोहन यादव का बड़ा एलान: मध्यप्रदेश बनेगा देश का नवकरणीय ऊर्जा हब
Thursday, Feb 19, 2026-05:16 PM (IST)
भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि क्लाइमेट चेंज आज मानव अस्तित्व, आर्थिक स्थिरता और भावी पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ी गंभीर वैश्विक चुनौती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन ही वास्तविक प्रगति का आधार है।
मुंबई में आयोजित क्लाइमेट वीक-2026 कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए ठोस और समयबद्ध समाधान जरूरी हैं। उन्होंने बताया कि भारत की प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में राज्यों की भूमिका अहम है और मध्यप्रदेश इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश शासन के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग और सिकोया क्लाइमेट फाउंडेशन के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश के लिए हरसंभव सहयोग और सुरक्षा प्रदान करेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 300 मेगावाट 4 घंटे सौर-सह एनर्जी स्टोरेज परियोजना, 300 मेगावाट 6 घंटे सौर-सह परियोजना और 24x7 नवकरणीय ऊर्जा आधारित बैटरी स्टोरेज प्रोजेक्ट पर कार्य चल रहा है। यह देश की अपनी तरह की पहली पहल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते 12 वर्षों में प्रदेश की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सौर ऊर्जा में 48 प्रतिशत और पवन ऊर्जा में 19 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट को दुनिया का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट बताते हुए उन्होंने कहा कि इसमें किसी भी नागरिक का विस्थापन नहीं हुआ है। उन्होंने सांची को देश की पहली सोलर सिटी बताते हुए कहा कि सभी शासकीय भवनों पर सोलर रूफटॉप लगाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने ‘लाइफ स्टाइल फॉर एनवायरमेंट’ को जनभागीदारी से जोड़ते हुए स्वच्छ ऊर्जा और हरित तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा कि प्रदेश बैटरी स्टोरेज आधारित ऊर्जा उत्पादन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वहीं, आईएफसी और सिकोया क्लाइमेट फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश की नीतियों और निवेशक अनुकूल वातावरण की सराहना की। मुख्यमंत्री ने निवेशकों से अपील की कि वे मध्यप्रदेश की परिवर्तनकारी यात्रा में सहभागी बनें और राज्य को नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक पहचान दिलाने में योगदान दें।

