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सीएम मोहन के हाथ पर लिपट गया था जहरीला कोबरा, डसने ही वाला था, मुख्यमंत्री ने खुद सुनाया खौफनाक किस्सा

Friday, Jul 31, 2026-04:09 PM (IST)

उज्जैन। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में निर्माणाधीन रेप्टाइल पार्क एवं अनुसंधान केंद्र का निरीक्षण करते हुए अपने छात्र जीवन की एक ऐसी घटना साझा की, जिसने वहां मौजूद सभी लोगों को हैरान कर दिया। उन्होंने बताया कि कॉलेज के दिनों में एक बार जहरीला कोबरा उनके हाथ पर लिपट गया था और हमला करने की स्थिति में था, लेकिन सूझबूझ और हिम्मत से उन्होंने खुद को सुरक्षित बचा लिया। मुख्यमंत्री ने बताया कि साइंस कॉलेज में अध्ययन के दौरान सांपों से जुड़े प्रशिक्षण के समय एक विषैला कोबरा अचानक उनके हाथ में लिपट गया। स्थिति बेहद खतरनाक थी, क्योंकि सांप किसी भी क्षण डस सकता था। ऐसे समय में उन्होंने घबराने के बजाय साहस का परिचय दिया, कोबरा के फन को मजबूती से नियंत्रित किया और उसे सुरक्षित तरीके से बोरे में बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि उस घटना ने उन्हें सिखाया कि ऐसे मामलों में घबराहट नहीं, बल्कि सही प्रशिक्षण और संयम सबसे बड़ा हथियार होता है।

होमगार्ड जवानों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेशभर में होमगार्ड के जवानों को सांपों के सुरक्षित रेस्क्यू का विशेष प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने कहा कि अक्सर रिहायशी इलाकों में सांप निकलने की घटनाएं सामने आती हैं। प्रशिक्षित जवान न केवल लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे, बल्कि वन्यजीवों को भी बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा सकेंगे।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा रेप्टाइल पार्क

स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत बसंत विहार क्षेत्र में विकसित हो रहा यह रेप्टाइल पार्क केवल सर्प प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहेगा। यहां विजिटर जोन, विभिन्न सरीसृपों की प्रदर्शनी, इंटरप्रिटेशन सेंटर, रिसर्च एवं एजुकेशन सेंटर, आधुनिक रेस्क्यू सेंटर, चिकित्सालय, पोस्टमार्टम कक्ष और स्नेक पार्क जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। यह केंद्र शोध, संरक्षण और जन-जागरूकता का प्रमुख संस्थान बनेगा।

संरक्षण के साथ जागरूकता पर रहेगा फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में सांपों को लेकर कई तरह की भ्रांतियां हैं। अधिकांश सांप पर्यावरण के लिए लाभदायक होते हैं और जैव विविधता को संतुलित बनाए रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। प्रस्तावित रेप्टाइल पार्क का उद्देश्य लोगों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना, वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और विद्यार्थियों व शोधार्थियों को अध्ययन का बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

घायल सर्पों का होगा इलाज और पुनर्वास

रेप्टाइल पार्क में स्थापित होने वाला अत्याधुनिक रेस्क्यू सेंटर घायल और संकटग्रस्त सर्पों के उपचार, देखभाल और पुनर्वास का भी केंद्र बनेगा। इसके माध्यम से दुर्लभ प्रजातियों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवासों को सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे।

निरीक्षण के दौरान जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने यह अनुभव साझा किया। उनका यह संस्मरण न केवल साहस का उदाहरण बना, बल्कि वन्यजीव संरक्षण और प्रशिक्षित रेस्क्यू व्यवस्था की आवश्यकता को भी रेखांकित कर गया।


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Content Editor

Himansh sharma

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