Punjab Kesari MP ads

शादीशुदा और बालिग महिला की सहमति से बना संबंध रेप नहीं, हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

Sunday, Mar 29, 2026-11:59 PM (IST)

(बिलासपुर): छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के एक बड़े फैसले के चर्चे हो रहे हैं। दरअसल कोर्ट ने एक बालिग और शादीशुदा महिला की सहमति से बने शारीरिक संबंधों पर अहम फैसला दिया है। कोर्ट ने कहा है कि सहमति से बने शारीरिक संबंध को दुष्कर्म नहीं माना जा सकता है।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में साफ किया कि किसी बालिग और शादीशुदा महिला के साथ उसकी मर्जी और सहमति से बनाए गए शारीरिक संबंध को रेप नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए याचिका खारिज करके बड़ा फैसला दिया ।

ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ पीड़िता की अपील पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि बालिग और शादीशुदा महिला के साथ उसकी मर्जी से बनाए शारीरिक संबंध को दुष्कर्म नहीं माना जाएगा। इस फैसले को काफी अहम और महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

जिला बेमेतरा से जुड़ा है ये मामला

आपको बता दें कि यह मामला बेमेतरा जिले से जुड़ा है, जहां पीड़िता ने ट्रायल कोर्ट द्वारा आरोपी को दोषमुक्त किए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की मंजूरी मांगी थी लेकिन हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद ट्रायल कोर्ट के निर्णय को ही सही माना और याचिका खारिज कर दी।

आखिर क्या था पूरा मामला

मामला कृषि महाविद्यालय में मजदूरी करने वाली महिला से जुड़ा है,वहीं पर आरोपी भी काम करता था। इसी दौरान आरोपी  ने उससे बात करना शुरू किया और शादी करने का वादा किया। आरोपी उसे अपने  घर ले गया और दुष्कर्म किया। लेकिन महिला पहले से ही तीन माह के गर्भ से थी। लोक लाज से किसी को  ये बात नहीं बताई लेकिन पति के पूछने पर सारी वारदात बताई और फिर थाने में रिपोर्ट लिखाई।

ट्रायल कोर्ट ने गवाहों एवं मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपित को बरी कर दिया गया जिस पर पीड़िता ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की। लेकिन सुनवाई में पता चला कि महिला ने  सहमति से शारीरिक संबंध बनाया था। इसी पर  कोर्ट ने कहा कि एक बालिग और शादीशुदा महिला के साथ उसकी मर्जी और सहमति से बनाए गए शारीरिक संबंध में दुष्कर्म का मामला नहीं बनता है। कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Desh Raj

Related News