MP में पुलिस पर पथराव, SDM-TI घायल; SDOP ने जोड़े हाथ, तब शांत हुआ बवाल
Saturday, Sep 26, 2026-03:02 PM (IST)
दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह जिले के हिंडोरिया में शुक्रवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब पुलिस कस्टडी में मौत के आरोपों से जुड़े मामले में शव गांव पहुंचने के बाद ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में जुटे लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। घटना में दमोह एसडीएम सौरभ गंधर्व और पथरिया थाना प्रभारी महेंद्र जगेत घायल हो गए। दोनों को उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
स्थिति बिगड़ती देख मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को शांत कराने की कोशिश की। पथरिया एसडीओपी प्रिया सिंधी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए हाथ जोड़कर समझाने का प्रयास किया। वहीं दमोह सीएसपी एचआर पांडे ने ग्रामीणों से कहा कि पुलिस उनकी परेशानी और दुख को समझने के लिए मौके पर मौजूद है और मामले की जांच की जा रही है। अधिकारियों की लगातार बातचीत के बाद करीब एक घंटे से जारी हंगामा धीरे-धीरे शांत हुआ और इसके बाद अंतिम संस्कार कराया जा सका।
पुलिस कस्टडी में मौत के आरोप के बाद बढ़ा आक्रोश
पूरा विवाद हिंडोरिया स्वास्थ्य केंद्र में 50 वर्षीय शिव सिंह लोधी की मौत के बाद शुरू हुआ। परिजनों के मुताबिक गुरुवार रात पुलिस ने हिनौता गांव में जुए के कथित अड्डे पर कार्रवाई की थी। परिवार का आरोप है कि कार्रवाई के दौरान पुलिस शिव सिंह को अपने साथ ले गई थी। मृतक के बेटे जागेश्वर सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस हिरासत में उनके पिता के साथ मारपीट की गई। बाद में परिवार को उनकी तबीयत बिगड़ने की जानकारी दी गई और अस्पताल में भर्ती कराने की बात कही गई। परिजन जब स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे तो वहां शिव सिंह का शव मिला। हालांकि पुलिस की ओर से पूरे मामले की जांच की जा रही है और मौत के वास्तविक कारणों को लेकर पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तथा जांच समिति की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
शव गांव पहुंचते ही शुरू हुई नारेबाजी
सागर में पैनल पोस्टमॉर्टम के बाद शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे शिव सिंह का शव उनके गांव पहुंचा। पहले से ही बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। पथरिया, पटेरा, हिंडोरिया और दमोह देहात थाने से पुलिसकर्मियों को मौके पर लगाया गया था। शव पहुंचने के बाद ग्रामीणों ने नारेबाजी शुरू कर दी। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और भीड़ की ओर से पुलिस पर पत्थर फेंके जाने लगे। इसी दौरान एक पत्थर दमोह एसडीएम सौरभ गंधर्व के पैर में लगा। पथरिया टीआई महेंद्र जगेत को भी चोट आई। दोनों अधिकारियों को बांदकपुर स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर उपचार कराया गया।
आठ पुलिसकर्मी पहले ही किए जा चुके हैं लाइन अटैच
मामले को लेकर पुलिस विभाग पहले ही कार्रवाई कर चुका है। गुरुवार रात हिंडोरिया अस्पताल में परिजनों के हंगामे के बाद एसपी आनंद कलादगी मौके पर पहुंचे थे। परिजनों से बातचीत के बाद आठ पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किया गया था। इनमें एएसआई राजेंद्र मिश्रा, एएसआई रामकुमार सिंह, हेड कॉन्स्टेबल संजय पाठक, वीरेंद्र मिश्रा, अविनाश जाट, देवेंद्र ठाकुर, दीपचंद्र चौधरी और कॉन्स्टेबल शिवसदन शामिल हैं।
जांच कमेटी करेगी मौत की पड़ताल
परिवार की मुख्य मांग मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की है। एसपी आनंद कलादगी के अनुसार मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है। साथ ही पीड़ित परिवार को शासन की ओर से आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया गया है।
अब पूरे मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच समिति की रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। इन्हीं रिपोर्टों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल हिंडोरिया में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए चार थानों का पुलिस बल तैनात किया गया है।

