टिकट विवाद से हिली BJP! दतिया में डैमेज कंट्रोल के लिए मैदान में उतरा पूरा संगठन
Monday, Jul 13, 2026-12:08 PM (IST)
दतिया। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा उपचुनाव में प्रत्याशी बदलने के फैसले के बाद भारतीय जनता पार्टी के भीतर उभरे असंतोष को शांत करने के लिए संगठन ने पूरी ताकत झोंक दी है। पार्टी नेतृत्व अब चुनावी रणनीति के साथ-साथ नाराज कार्यकर्ताओं को एकजुट करने पर भी फोकस कर रहा है। इसी कड़ी में रविवार को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने दतिया पहुंचकर संगठन पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के साथ कई दौर की मैराथन बैठकें कीं। करीब पांच घंटे तक चली इन बैठकों में चुनावी तैयारियों के साथ-साथ कार्यकर्ताओं की नाराजगी, बूथ प्रबंधन और गांव-गांव तक संगठन की सक्रियता बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई। पार्टी नेतृत्व का स्पष्ट संदेश था कि चुनाव में जीत सुनिश्चित करने के लिए संगठन की एकजुटता सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
नरोत्तम मिश्रा को लेकर सामने आई कार्यकर्ताओं की भावनाएं
बैठक के दौरान जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह ने प्रदेशाध्यक्ष के सामने कार्यकर्ताओं की भावनाओं को खुलकर रखा। उन्होंने बताया कि पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलने के बाद लंबे समय से उनके साथ जुड़े कार्यकर्ताओं में निराशा और असंतोष का माहौल है। ऐसे कार्यकर्ताओं को चुनावी अभियान में पूरी सक्रियता के साथ जोड़ना संगठन के सामने बड़ी चुनौती है।सूत्रों के अनुसार प्रदेशाध्यक्ष ने सभी पदाधिकारियों को भरोसा दिलाया कि संगठन कार्यकर्ताओं की भावनाओं से पूरी तरह अवगत है और हर पहलू पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। उन्होंने अपील की कि व्यक्तिगत भावनाओं से ऊपर उठकर सभी कार्यकर्ता पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी की जीत के लिए पूरी ताकत से मैदान में उतरें।
इस्तीफे की पेशकश के बाद बढ़ी थी हलचल
राजनीतिक गलियारों में उस समय हलचल तेज हो गई थी, जब टिकट वितरण के बाद जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह ने अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी। हालांकि संगठन ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए उन्हें मनाया और अब पूरा ध्यान चुनावी माहौल को सकारात्मक बनाने पर केंद्रित कर दिया गया है।
'जिस समर्पण से नरोत्तम के लिए काम किया, उसी ऊर्जा से प्रत्याशी को जिताएं'
बैठकों में प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा में संगठन का निर्णय सर्वोपरि होता है। उन्होंने कहा कि जिस समर्पण और मेहनत के साथ कार्यकर्ताओं ने पहले चुनाव लड़े हैं, उसी जोश के साथ अब भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी की जीत सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक सक्रिय रहने और हर मतदाता तक पहुंचने का आह्वान किया।
बड़े नेताओं की मौजूदगी से संगठन ने दिया एकजुटता का संदेश
बैठकों में भाजपा प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल और उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा भी मौजूद रहे। वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी को पार्टी के डैमेज कंट्रोल अभियान का अहम हिस्सा माना जा रहा है। नेतृत्व ने स्पष्ट संकेत दिया कि दतिया उपचुनाव भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का चुनाव है और संगठन किसी भी स्तर पर ढिलाई के मूड में नहीं है।
बूथ से लेकर गांव तक बनाई गई नई रणनीति
पहले चरण की बैठक में जिलाध्यक्ष और सभी मंडल अध्यक्ष शामिल हुए, जबकि दूसरे चरण में जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के साथ अलग से चर्चा की गई। इस दौरान बूथवार जिम्मेदारियां तय की गईं और कार्यकर्ताओं को गांव-गांव जाकर जनसंपर्क तेज करने के निर्देश दिए गए। पार्टी का लक्ष्य है कि संगठन की पूरी ताकत को बूथ स्तर तक सक्रिय कर उपचुनाव में मजबूत प्रदर्शन सुनिश्चित किया जाए।

