अब बिल्कुल नहीं चलेगी शिक्षकों की मनमानी,स्कूल परिसर से ही लगानी होगी E-अटेंडेंस, स्कूल से 200 मीटर के दायरे में होगी मान्य
Thursday, Jul 09, 2026-03:24 PM (IST)
रायसेन (शिवलाल यादव ): सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए जिला शिक्षा विभाग ने ई-अटेंडेंस व्यवस्था को और अधिक सख्त बना दिया है। अब शिक्षकों और कर्मचारियों को स्कूल या कार्यालय परिसर से ही चेक-इन और चेक-आउट करना होगा। यदि कोई कर्मचारी निर्धारित संस्थान से 200 मीटर से अधिक दूरी पर रहेगा तो उसकी ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं होगी। विभाग आगामी समय में लोकेशन ट्रैकिंग की सुविधा भी लागू करने की तैयारी कर रहा है।जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि कर्मचारी वास्तव में कार्यस्थल पर मौजूद है या नहीं।
नई व्यवस्था का उद्देश्य स्कूलों में समय पर शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करना, अनावश्यक अनुपस्थिति पर रोक लगाना, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाना है। विभाग के अफसरों का मानना है कि कई स्थानों पर समय पर स्कूल नहीं पहुंचने या बिना अनुमति अनुपस्थित रहने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों को देखते हुए ई-अटेंडेंस प्रणाली को तकनीकी रूप से और मजबूत किया गया है।
नई व्यवस्था के तहत शिक्षक को स्कूल पहुंचने के बाद मोबाइल एप के माध्यम से चेक-इन करना होगा और अवकाश के समय चेक-आउट भी उसी स्थान से करना अनिवार्य रहेगा। यदि शिक्षक स्कूल से 200 मीटर से अधिक दूरी पर होगा तो एप उसकी उपस्थिति स्वीकार नहीं करेगा। इससे घर, रास्ते या किसी अन्य स्थान से उपस्थिति दर्ज कराने की संभावना पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।
जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में जीपीएस आधारित लोकेशन ट्रैकिंग व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाएगा। इससे विभाग यह भी देख सकेगा कि कर्मचारी पूरे कार्यकाल के दौरान निर्धारित स्थान पर उपस्थित रहा या नहीं। तकनीकी सुधार के बाद ई-अटेंडेंस प्रणाली पहले की तुलना में अधिक विश्वसनीय और पारदर्शी बनने की उम्मीद है।
शिक्षको को निर्देश- मोबाइल में संबंधित एप का नवीनतम संस्करण रखें अपडेट
विभाग ने सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने मोबाइल में संबंधित एप का नवीनतम संस्करण अपडेट रखें तथा इंटरनेट और लोकेशन सेवाएं सक्रिय रखें। किसी प्रकार की तकनीकी समस्या होने पर तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इस कदम से स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति बढ़ने की उम्मीद
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि व्यवस्था का सही तरीके से पालन कराया गया तो स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति बढ़ेगी और विद्यार्थियों की पढ़ाई पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। वहीं कई शिक्षकों का कहना है कि जहां नेटवर्क की समस्या है। वहां विभाग को वैकल्पिक व्यवस्था भी करनी चाहिए ।ताकि तकनीकी कारणों से किसी की उपस्थिति प्रभावित न हो। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी शासकीय स्कूलों और कार्यालयों में ई-अटेंडेंस के नियमों का पालन अनिवार्य होगा।
अधिकारियों को दिए मॉनिटरिंग के लिए निर्देशित....
जिम्मेदार अधिकारियों को भी नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। आने वाले समय में इस व्यवस्था के माध्यम से उपस्थिति की समीक्षा, अनुशासन और जवाबदेही को और अधिक प्रभावी बनाने की तैयारी की जा रही है।

