राज्य के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री के भाई के घर ED का छापा, मचा हड़कंप
Monday, Apr 27, 2026-04:05 PM (IST)
धमतरी। छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित भारतमाला परियोजना से जुड़े कथित घोटाले की जांच को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर तेज कर दिया है। सोमवार तड़के ईडी की टीम ने धमतरी जिले के कुरुद इलाके में बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के चचेरे भाई भूपेंद्र चंद्राकर के आवास सहित कई ठिकानों पर दबिश दी। जानकारी के अनुसार, सुबह करीब तीन गाड़ियों में पहुंचे 12 से अधिक ईडी अधिकारियों ने भूपेंद्र चंद्राकर के घर की तलाशी शुरू की। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बल भी मौके पर तैनात रहे और पूरे परिसर को घेर लिया गया। घर के अंदर से बाहर और अंदर आने-जाने पर रोक लगा दी गई है, जबकि टीम दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है।
इसी दौरान जमीन कारोबारी गोपाल गांधी और उनसे जुड़े अन्य ठिकानों पर भी ईडी की टीम ने छापेमारी की है। यह कार्रवाई अभनपुर, कायाबांधा (अभनपुर), दुर्ग, पाटन, राजनांदगांव के देवादा और मगरलोड जैसे क्षेत्रों तक फैली हुई है। सूत्रों के मुताबिक, जांच में यह आरोप सामने आए हैं कि भारतमाला परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं। कथित तौर पर कृषि भूमि को
बैकडेट में गैर-कृषि घोषित कर मुआवजा कई गुना बढ़ाया गया। इसके अलावा एक ही खसरे की जमीन को विभाजित कर अलग-अलग नामों पर भुगतान किए जाने के भी आरोप हैं।
बताया जा रहा है कि इन शिकायतों के आधार पर ईडी यह जांच कर रही है। इससे पहले भी रायपुर और अभनपुर में गोपाल गांधी से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज और संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड जब्त किए गए थे।
अनुमान है कि इस कथित घोटाले का दायरा 500 करोड़ रुपये से अधिक का हो सकता है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। वहीं, अब तक ईडी की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। पूरे मामले में अधिकारी फिलहाल मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं और जांच को गोपनीय तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। फिलहाल सभी आरोप जांच के दायरे में हैं और एजेंसियां दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं।

