MP के सबसे चर्चित अवैध संपत्ति मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, पूर्व IAS पति-पत्नी के खिलाफ बड़ा एक्शन
Friday, Apr 03, 2026-02:48 PM (IST)
(भोपाल): मध्यप्रदेश से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां पर अवैध संपंति के मामले में फंसे पूर्व IAS पति और पत्नी पर शिकंजा कसता जा रहा है। सालों पहले के इस मामले में पति और पत्नी की अवैध संपत्ति केस में दिक्कत बढ़ती जा रही है।
MP कैडर के पूर्व आइएएस और दुनिया से अलविदा कह चुके अरविंद जोशी और उनकी पत्नी टीनू जोशी के खिलाफ ईडी ने एक बड़ी कार्रवाई की है। दरअसल ईडी ने इनके खिलाफ पूरक अभियोग पेश किया है। पूर्व आइएएस दंपत्ति पर मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में यह बड़ा एक्शन हुआ है।
दूसरी सप्लीमेंट्री प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट (SPC) की ईडी ने दाखिल
दरअशल ईडी ने दिवंगत IAS अरविंद जोशी और उनकी पत्नी टीनू जोशी के खिलाफ दूसरी सप्लीमेंट्री प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट (SPC) दाखिल की है। भोपाल स्थित विशेष PMLA कोर्ट में 31 मार्च को इस संबंध में शिकायत पेश की गई थी। ईडी ने आरोप लगाया है कि दंपत्ति ने 41.87 करोड़ रुपए की अवैध चल अचल संपत्ति जुटाई। ईडी ने जांच ने पाया है कि उन्होंने पद का दुरुपयोग करके अवैध संपत्ति बनाई थी।
IAS दंपति पर 41.87 करोड़ की बेनामी संपत्ति का आरोप
दरअसल ईडी ने लोकायुक्त भोपाल द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर इस मामले की जांच शुरू की थी। मध्य प्रदेश कैडर के दोनों पूर्व आईएएस अधिकारियों पर 41.87 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति रखने का आरोप था। ये संपति उनके आय के स्रोतों से अधिक थी। इस मामले की जांच में सामने आया था कि उन्होंने कुछ ऐसे लोगों के नाम पर भी संपत्तियां खरीदीं जिनसे उनका कोई संबंध नहीं था। भ्रष्टाचार के इतने बड़े मामले के सामने आने के बाद तत्कालीन प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया था।
बड़ी कार्रवाई की तैयारी में विभाग
दरअसल ईडी ने चार अलग-अलग आदेश में 13 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति बंधक कर ली है। अब विशेष न्यायालय में पूरक शिकायत दर्ज कर इन संपत्तियों को पूरी तरह राजसात करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। आपको बता दें कि यह मामला मध्य प्रदेश के सबसे चर्चित भ्रष्टाचार प्रकरणों में से एक माना जाता है, जिसने बहुत बडे स्तर पर तहलका मचाया था।
वहीं इससे पहले ईडी ने अवैध रूप से अर्जित करीब 8.60 करोड़ रुपए की संपत्तियों को जब्त करने के लिए तीन अस्थायी कुर्की आदेश भी जारी किए। ईडी की जांच में यह तथ्य भी सामने आया था कि संपत्ति के स्वामित्व को छिपाने के लिए जानबूझकर तीसरे पक्ष को शामिल किया। पहले ईडी ने अरविंद जोशी और उनके परिवार के सदस्यों की अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को जब्त करने के लिए तीन अस्थायी कुर्की आदेश भी जारी किए थे। 28 जनवरी को एक और अंतरिम कुर्की आदेश जारी किया गया।

